Jabalpur News : जबलपुर, मध्य प्रदेश। जबलपुर के ऐतिहासिक सिटी बंगाली क्लब में इस वर्ष विजयदशमी का पर्व भावनाओं और रंगों से सराबोर रहा। क्लब के 100वें स्थापना वर्ष के भव्य उत्सव के बीच पारंपरिक सिंदूर खेला का आयोजन किया गया, जिसमें बंगाली समाज की महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया।
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Jabalpur News : सिंदूर खेला: आत्मदर्शन और अखंड सौभाग्य की कामना
मां दुर्गा को विदाई देने से पहले आयोजित इस भावनात्मक पर्व की शुरुआत महिलाओं ने मां दुर्गा की विशेष आराधना से की।
- आत्मदर्शन: परंपरा के अनुसार, महिलाओं ने सबसे पहले मां को शीशे में देखा, जो आत्मदर्शन और मां के साथ एकात्मता (जुड़ाव) का प्रतीक माना जाता है।
- सिंदूर अर्पित: इसके बाद महिलाओं ने मां को सिंदूर अर्पित किया और फिर एक-दूसरे के गालों पर सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की कामना की।
क्लब परिसर में ढाक की थाप, पारंपरिक गीतों और नृत्य के बीच सिंदूर खेला ने एक भावनात्मक वातावरण बना दिया।
विरह और श्रद्धा के बीच विदाई
हमारे संवाददाता देबजीत देब से बातचीत में कई महिलाओं ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिन उनके लिए अत्यंत आनंददायक रहे, जिसने उन्हें एक विशेष जुड़ाव दिया। लेकिन अब जब मां दुर्गा की विदाई का समय आया है, तो उनके मन में विरह और श्रद्धा दोनों के भाव हैं।
सिंदूर खेला संपन्न होने के बाद, मां दुर्गा की प्रतिमा को गौरी घाट स्थित विसर्जन कुंड तक ले जाने की तैयारी की गई। महिलाएं ढोल-ढाक की थाप पर नाचती हुई और खप्पर आरती की विशिष्ट परंपरा को निभाते हुए नम आँखों से मां को विदा करने निकलीं।
इस वर्ष 100 वर्ष की परंपरा का जश्न मना रहे सिटी बंगाली क्लब का यह आयोजन, श्रद्धा, संस्कृति और सामुदायिक भावना का एक अद्भुत संगम रहा।













