जबलपुर। गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर आयोजित नगर कीर्तन का जबलपुर आगमन हुआ। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गुरु चरणों में नमन किया और पंच प्यारों का स्वागत कर कीर्तन में सम्मिलित श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। मंत्री सिंह स्वयं नंगे पैर नगर कीर्तन में शामिल हुए।
गुरु तेग बहादुर जी की शहादत
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। 1675 में मुगल शासक औरंगज़ेब ने उन्हें इस्लाम स्वीकार करने का दबाव बनाया, लेकिन गुरु साहिब ने दृढ़ता से कहा—“शीश कटवा सकते हैं, पर केश नहीं।” इसके बाद औरंगज़ेब ने उनका सिर कटवा दिया।
सिंह ने इसे दुनिया की मानव अधिकारों के लिए पहली शहादत बताते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की धर्मनिष्ठा और त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे।
तीन दिवसीय नगर कीर्तन यात्रा
नगर कीर्तन यात्रा आगामी तीन दिनों तक गुरुद्वारा प्रेमनगर से गुरुद्वारा माढ़ाताल तक निकाली जाएगी। मंत्री सिंह ने कहा कि यह यात्रा जबलपुरवासियों को गुरु की प्रेरणा और त्याग से जोड़ने का कार्य करेगी।











