जबलपुर: राज्य साइबर पुलिस जोन जबलपुर ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर एक शिकायतकर्ता से 14 लाख 16 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने मामले में सख्त धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
कॉल सेंटर से संचालित होता था ठगी का नेटवर्क
जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड अनिकेत मात्रे इंदौर में कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। इसी कॉल सेंटर के जरिए लोगों को फोन कर शेयर ट्रेडिंग में तेज मुनाफे का लालच दिया जाता था। भरोसा जीतने के बाद पीड़ितों से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी।
‘म्यूल अकाउंट्स’ के जरिए पैसों की हेराफेरी
आरोपी ठगी की रकम सीधे अपने खातों में न लेकर म्यूल अकाउंट्स यानी अन्य लोगों के बैंक खातों में डलवाते थे। इसके बाद रकम नकद निकालकर निजी शौक और मौज-मस्ती पर खर्च कर दी जाती थी। यह तरीका साइबर ठगी के मामलों में पहचान छिपाने के लिए आम तौर पर अपनाया जाता है।
आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज
साइबर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 262/2022 के तहत
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धारा 419, 420, 34 भारतीय दंड संहिता
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धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम
के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और ठगी के कुल नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
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वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (साइबर सेल) प्रणय नागवंशी के निर्देशन और उप पुलिस अधीक्षक उमाकांत आमों के मार्गदर्शन में की गई। टीम में निरीक्षक नीलेश अहिरवार, उपनिरीक्षक रामनरेश तिवारी और आरक्षक आलोक चौबे की अहम भूमिका रही।
निवेश से पहले सावधान रहने की अपील
साइबर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, सोशल मीडिया लिंक या निवेश के लालच में आकर पैसा ट्रांसफर न करें। अधिक मुनाफे के झांसे अक्सर साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं। संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।











