नई दिल्ली: ईरान इस समय इतिहास के सबसे गंभीर सूखे का सामना कर रहा है। राजधानी तेहरान से लेकर देश के कई प्रमुख क्षेत्रों में बारिश रिकॉर्ड स्तर तक कम हो गई है, जिसके कारण जलाशय लगभग सूख चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि सरकारी अधिकारी जल आपूर्ति पर पाबंदी लगाने और अत्यधिक जरूरत पड़ने पर शहर को खाली करवाने तक की चेतावनी दे रहे हैं।
तेहरान के जलाशयों में सिर्फ 10% पानी, वह भी उपयोग योग्य नहीं
तेहरान को पानी उपलब्ध कराने वाले लातियन और करज बांध लगभग खाली हो चुके हैं। बांध अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष बारिश में 92% की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।दिलचस्प बात यह है कि जलाशयों में जो कुछ पानी बचा है, वह अधिकतर “मृत जल” है—ऐसा पानी जिसे घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।
Read More: American News : ट्रंप का चीन पर 100% टैरिफ वार, रेयर अर्थ संकट ने बढ़ाया द्विपक्षीय टकराव
राजधानी के कई इलाकों में नलों से पानी घंटों तक नहीं आ रहा। स्थानीय निवासी और रैपर वफा अहमदपूर ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर बताया कि लोग पीने के पानी के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की चेतावनी—राशनिंग नहीं बढ़ी तो शहर खाली करवाना पड़ेगा
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हालात को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर बारिश नहीं हुई तो सरकार को तेहरान और आसपास के क्षेत्रों में कठोर जल राशनिंग लागू करनी पड़ सकती है। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि यह उपाय भी कारगर नहीं हुआ तो राजधानी को अस्थायी रूप से खाली करवाने पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि पूर्व मेयर गुलाम हुसैन करबास्ची ने इस सुझाव को “अव्यावहारिक” बताते हुए कहा कि पूरे शहर को खाली करवाना न संभव है और न ही तर्कसंगत।
सरकार की नई योजना: जुर्माना, सप्लाई कटॉक और रात में जल प्रवाह शून्य करने का प्रस्ताव
ईरान के ऊर्जा मंत्री अब्बास अली अबादी ने बताया कि पानी की बर्बादी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और हाई-यूसेज इलाकों में सप्लाई कम की जाएगी। सरकार रात के समय जल प्रवाह को शून्य तक करने पर भी विचार कर रही है।इस संकट को हालिया इजरायल संघर्ष ने और बढ़ा दिया है, क्योंकि राजधानी के कई पुराने जल ढांचे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
महिलाओं को ठहराया दोषी
इस बीच, विशेषज्ञ सभा के सदस्य मोहसिन अराकी ने विवादित बयान देते हुए कहा कि “महिलाएं हिजाब नहीं पहन रही हैं, इसलिए अल्लाह ने बारिश रोक दी।”उनके इस बयान की देशभर में आलोचना हो रही है और इसे वैज्ञानिक तथ्यों से परे बताया जा रहा है।
अगले 10 दिनों तक बारिश नहीं, संकट और गंभीर होने की आशंका
मौसम विभाग ने अगले 10 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है। ऐसे में तेहरान में जल संकट और भी गहराने की आशंका है। नागरिक पानी बचाने के लिए अलग-अलग उपायों का सहारा ले रहे हैं, वहीं सरकार संकट को टालने के लिए लगातार नए कदम उठाने पर विचार कर रही है।













