निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र हो गए, जिनमें भारी हिंसा देखने को मिली। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक 2400 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।
अमेरिका की सख्त चेतावनी
ईरान में जारी हिंसा को लेकर अमेरिका ने भी कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई बंद नहीं करती, तो अमेरिका जवाबी कदम उठा सकता है। इसी वजह से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहराता जा रहा है।
एयरस्पेस बंद, उड़ानें प्रभावित
बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बुधवार को अपना एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया। इसके चलते भारत, यूरोप और उत्तरी अमेरिका से आने-जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या डायवर्ट करनी पड़ीं। यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
10 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र मुश्किल में
ईरान में पढ़ाई कर रहे 10 हजार से अधिक भारतीय छात्रों को लेकर उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। लगातार इंटरनेट बंद होने से छात्रों का परिवार से संपर्क टूट रहा है। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने भी हालात पर चिंता जताते हुए सुरक्षित निकासी की मांग की है। भारतीय दूतावास ने नागरिकों को हालात सामान्य होने तक ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
व्यापार और शिपिंग पर असर
ईरान में अस्थिरता का असर व्यापार पर भी साफ दिख रहा है। भारत-ईरान व्यापार, जो कभी 17.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका था, अब घटकर 2.3 बिलियन डॉलर रह गया है। शिपिंग रूट बाधित होने से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
ईरान में हालात कब सामान्य होंगे, इस पर अभी अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन इसके प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं।











