Indore Water Crisis Protest : भोपाल: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मचे कोहराम की गूंज अब राजधानी भोपाल की सड़कों पर सुनाई दे रही है। इंदौर में मौतों का आंकड़ा 14 तक पहुँचने और 162 से अधिक लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इंदौर के प्रभारी व नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सरकारी आवास का घेराव करने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रास्ते में ही रोक लिया।
‘जश्न की जगह मातम में डूबा इंदौर’
घेराव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जो इंदौर देश में स्वच्छता के लिए जाना जाता है, आज वहां के लोग सरकारी लापरवाही के कारण जान गंवा रहे हैं। नए साल पर जहां खुशियां होनी चाहिए थीं, वहां मातम पसरा हुआ है।
2047 के विजन पर उठाए सवाल
कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार 2047 के ‘स्वर्णिम विजन’ के झूठे सपने दिखा रही है, और दूसरी तरफ धरातल पर सच्चाई यह है कि लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। वहीं, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष कंसाना ने इस घटना को ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए दोषियों को तत्काल जेल भेजने की मांग की।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की चलती रही। पुलिस ने सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिला, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।











