इंदौर। विजयदशमी के अवसर पर आयोजित रावण दहन समारोह के बाद एक युवक से मोबाइल लूट की वारदात हुई, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की तत्परता ने अपराध को नाकाम कर दिया।
पुलिस के अनुसार, फरियादी पैदल घर लौट रहा था, तभी दो बदमाशों ने मौका पाकर उसका मोबाइल छीन लिया और भागने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद पास से गुजर रहे ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपियों का पीछा किया।
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सूत्रों के अनुसार, ट्रैफिक सूबेदार आरक्षक सचिन और राहुल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अखिलेश और आदित्य के रूप में हुई। पुलिस ने फरियादी का मोबाइल लौटाया और दोनों को थाने सुपुर्द कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपियों की पुलिस हिरासत में जाँच की जा रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दशहरा जैसे बड़े आयोजनों में अपराधी भीड़ का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, लेकिन चौकसी और जनता के सहयोग से ऐसे मामलों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
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“ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से एक बड़ी वारदात टल गई। आरोपी पकड़े गए और मोबाइल फरियादी को लौटा दिया गया।” – राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी













