Indore Police Advisory : इंदौर (मध्य प्रदेश): वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति के साथ ही साइबर अपराधियों ने करदाताओं को ठगने का नया तरीका अपना लिया है। आयकर रिटर्न (ITR) भरने, डेटा सुधार और टैक्स रिफंड के नाम पर हो रही धोखाधड़ी को देखते हुए इंदौर पुलिस ने शहरवासियों के लिए विशेष ‘साइबर एडवाइजरी’ जारी की है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे आयकर विभाग के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल्स और मैसेज से सावधान रहें।
कैसे जाल में फंसाते हैं ठग? इंदौर पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी आयकर विभाग के अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं या “ITR Pending” और “Tax Refund Approved” जैसे लुभावने मैसेज भेजते हैं। इन मैसेज में दिए गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही लोगों से उनकी बैंकिंग डिटेल, पैन कार्ड नंबर और ओटीपी (OTP) मांग लिया जाता है। कई मामलों में रिफंड की राशि तुरंत खाते में भेजने का झांसा देकर लोगों के बैंक खाते खाली कर दिए जाते हैं।
आयकर विभाग कभी नहीं मांगता निजी जानकारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि आयकर विभाग कभी भी फोन, एसएमएस या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति से उसका ओटीपी, पिन या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। पुलिस ने आगाह किया है कि टैक्स से संबंधित कोई भी कार्य केवल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही करें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी वित्तीय जानकारी साझा न करें।
ठगी होने पर यहाँ करें शिकायत इंदौर पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है या कोई संदिग्ध कॉल प्राप्त होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा, पीड़ित अपनी शिकायत आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं। पुलिस का मूल मंत्र है— “सतर्क रहें, सावधान रहें और सुरक्षित रहें।”











