इंदौर में इस बार होली और रंगपंचमी का उत्साह हाईटेक सुरक्षा के बीच नजर आएगा। पारंपरिक गेर के दौरान पहली बार पुलिस ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। शहर में अलग से ड्रोन कंट्रोल रूम तैयार किया गया है, जहां से पूरे आयोजन की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य साफ है—त्योहार की मस्ती बरकरार रहे और सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो।
पहली बार गेर के लिए बना ड्रोन कंट्रोल रूम
रंगपंचमी पर इंदौर की ऐतिहासिक गेर में हर साल लाखों की भीड़ उमड़ती है। भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार पुलिस ने हाईटेक रणनीति अपनाई है। शहर के विभिन्न जोन में अस्थायी ड्रोन प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही गेर आयोजन के लिए विशेष ड्रोन कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे।
आसमान से भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर
ड्रोन कैमरे भीड़ की मूवमेंट, ट्रैफिक व्यवस्था और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेंगे। लाइव फुटेज सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जिससे तुरंत निर्णय लिया जा सकेगा। अफवाह फैलाने, हुड़दंग करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की तैयारी की गई है।
जमीन और आसमान दोनों से सुरक्षा
जमीन पर तैनात पुलिस बल के साथ अब आसमान से भी निगरानी होगी। संवेदनशील इलाकों की विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन टेक्नोलॉजी से भीड़ प्रबंधन आसान होगा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।
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सुरक्षा के बीच रंगों का उत्सव
इंदौर की गेर अपनी भव्यता और परंपरा के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इस बार तकनीक के सहारे इसे और सुरक्षित बनाने की तैयारी है। प्रशासन का मानना है कि मजबूत सुरक्षा इंतजाम से लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वे बेफिक्र होकर त्योहार का आनंद ले सकेंगे।होली 2026 में इंदौर की सड़कों पर रंगों के साथ-साथ खाकी की चौकस नजर भी दिखाई देगी।











