Indore Fly Dining High Court Notice : इंदौर (26 फरवरी 2026): इंदौर के बायपास पर क्रेन के सहारे संचालित हो रहे ‘फ्लाई डाइनिंग’ रेस्टोरेंट की सुरक्षा को लेकर अब कानूनी सवाल खड़े हो गए हैं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने रेस्टोरेंट संचालक और संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
नगर निगम ने पल्ला झाड़ा, अनुमति से किया इनकार सुनवाई के दौरान नगर निगम ने कोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया। निगम की ओर से बताया गया कि इस फ्लाई डाइनिंग रेस्टोरेंट के संचालन के लिए उनकी तरफ से कोई आधिकारिक अनुमति जारी नहीं की गई है। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने जुलाई माह में ही नियमों के उल्लंघन को लेकर रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस जारी किया था।
केरल हादसे का दिया हवाला याचिकाकर्ता एडवोकेट चर्चित शास्त्री ने कोर्ट को अवगत कराया कि केरल में इसी तरह के एक फ्लाई रेस्टोरेंट में तकनीकी खराबी के कारण हादसा हो चुका है, जिसमें पांच लोग घायल हुए थे। याचिका में तर्क दिया गया है कि इंदौर में 200 फीट की ऊंचाई पर क्रेन के जरिए 30 लोगों को बैठाकर भोजन परोसना बेहद खतरनाक है। याचिकाकर्ता का दावा है कि वहां शराब और नॉनवेज परोसे जाने के कारण नशे की स्थिति में हादसे का जोखिम और बढ़ जाता है।
सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल अधिवक्ता चर्चित शास्त्री के अनुसार, बिना किसी पुख्ता सुरक्षा ऑडिट और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लोगों की जान जोखिम में डालकर यह रेस्टोरेंट चलाया जा रहा है। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों से विस्तृत जवाब मांगा है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी, जिसमें तय होगा कि क्या इंदौर का यह चर्चित डाइनिंग अनुभव जारी रहेगा या नहीं।
अधिकारी/अधिवक्ता का बयान:
“हमने जनहित याचिका के माध्यम से कोर्ट को बताया है कि 200 फीट की ऊंचाई पर बिना वैध अनुमति के लोगों को ले जाना जान जोखिम में डालने जैसा है। केरल के हादसे से सबक लेने की जरूरत है। कोर्ट ने हमारे तर्कों को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी किए हैं।” — चर्चित शास्त्री, अधिवक्ता (याचिकाकर्ता)











