निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इंदौर के स्वर्ण बाग कॉलोनी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हादसे में एक ही परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, लेकिन अब सामने आए एक ऑडियो क्लिप ने पूरी घटना को और भी संवेदनशील बना दिया है।
वायरल ऑडियो ने खोली पोल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो में एक व्यक्ति फायर ब्रिगेड को कॉल कर आग की भयावहता बताने की कोशिश करता सुनाई देता है। वह कहता है, “हैलो… आपको धमाके की आवाज आ रही है?” लेकिन उसकी बात पूरी होने से पहले ही फोन काट दिया जाता है। यह ऑडियो घटना के दौरान की कथित लापरवाही को उजागर करता है।
डेढ़ घंटे की देरी पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड टीम करीब डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। यदि समय पर मदद मिलती, तो शायद कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने यह मुद्दा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने भी उठाया।
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अधूरी तैयारी से पहुंची टीम
मृतक के परिजनों का कहना है कि जब फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब उनके टैंकरों में पर्याप्त पानी नहीं था। साथ ही टीम के पास ऊंची इमारतों तक पहुंचने के लिए जरूरी उपकरण भी नहीं थे। एक ड्राइवर के गलत रास्ते में चले जाने की बात भी सामने आई है।
‘खुद बुझा लो आग’—परिजनों का आरोप
मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि जब उसने फायरकर्मियों से मदद मांगी, तो उसे कहा गया कि “ज्यादा पता है तो खुद ही पानी डाल लो।” इस तरह के व्यवहार ने लोगों में आक्रोश और बढ़ा दिया है।
आग लगने की वजह पर भी विवाद
जहां शुरुआत में आग लगने की वजह ईवी कार चार्जिंग बताई जा रही थी, वहीं परिजनों का दावा है कि यह हादसा बिजली के पोल में शॉर्ट सर्किट से हुआ। पहले एक वाहन में आग लगी, जो तेजी से पूरे मकान में फैल गई।
जांच और जवाबदेही की मांग
इस पूरे मामले ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारी और संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब जरूरत है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।











