इंदौर। शहर के लसुड़िया थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पिता पर अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी कार्रवाई में एक महिला आरक्षक की बहादुरी और सूझबूझ अहम साबित हुई।
सुनसान जंगल में वारदात को दिया अंजाम
पुलिस के अनुसार आरोपी अपनी बेटी को लकड़ी बीनने के बहाने सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसने अपराध को अंजाम दिया। भयभीत पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद दोनों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
गिरफ्तारी बनी पुलिस के लिए चुनौती
आरोपी घुमक्कड़ प्रवृत्ति का बताया जा रहा है। वह न तो मोबाइल फोन रखता था और न ही उसका कोई स्थायी निवास था। लगातार स्थान बदलने के कारण पुलिस के सामने उसकी गिरफ्तारी बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
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महिला आरक्षक की सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी
मामले में उस समय अहम मोड़ आया जब महिला आरक्षक संतोष दांगी पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जा रही थीं। रास्ते में पीड़िता ने अपने पिता को पहचान लिया। स्थिति को भांपते हुए आरक्षक ने तुरंत साहस दिखाया और अकेले ही आरोपी को पकड़ लिया। बाद में थाने को सूचना देकर अतिरिक्त बल बुलाया गया और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
बहादुरी पर सम्मान की घोषणा
पुलिस अधिकारियों ने महिला आरक्षक की तत्परता और साहस की सराहना की है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार देने की घोषणा की है।
सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। साथ ही पीड़िता को चिकित्सकीय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में त्वरित जांच कर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।यह घटना समाज में जागरूकता और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करती है।













