Indore Cleanliness Cultural Heritage : इंदौर। इंदौर की 77 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा ‘रंगपंचमी गेर’ इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के आपसी समन्वय से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में पांच लाख से अधिक लोगों ने शिरकत की। आयोजन की सफलता पर इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहरवासियों का विशेष आभार व्यक्त किया है।
प्रशासनिक तैयारियों और समन्वय का दिखा असर कलेक्टर शिवम वर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ इंदौर की जनता के सहयोग ने इस आयोजन को भव्य और सफल बनाया है।
स्वच्छता में फिर कायम की मिसाल गेर के समाप्त होते ही नगर निगम की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ ही घंटों के भीतर पूरे रूट और आसपास के इलाके को साफ-सुथरा कर दिया। इंदौर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसे ‘स्वच्छता का गुरु’ क्यों कहा जाता है। गेर के दौरान उमड़ी लाखों की भीड़ के बावजूद शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा, जिसकी सराहना हर तरफ हो रही है।
77 साल पुरानी परंपरा और चुनौतियां करीब 77 वर्षों से चली आ रही गेर की यह परंपरा इंदौर की पहचान बन चुकी है। इतनी विशाल भीड़ का प्रबंधन, उनकी सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए हर साल एक बड़ी चुनौती होती है, जिसे इस बार भी सभी विभागों ने आपसी तालमेल से बखूबी निभाया है।
बाइट – शिवम वर्मा (कलेक्टर, इंदौर): “इंदौर की गेर हमारी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इस बार पांच लाख से अधिक लोग शामिल हुए। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के बेहतर समन्वय से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शहरवासियों ने जो सहयोग दिया है, उसके लिए मैं उनका आभारी हूँ। गेर के बाद निगम कर्मचारियों ने जिस तेजी से सफाई की, वह इंदौर की स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”











