Indore Board Exam Preparation 2026 : इंदौर। आगामी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इंदौर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि जिले के परीक्षा केंद्रों को ‘आदर्श परीक्षा केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान अनुकूल वातावरण मिल सके। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों में नियमित रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने पर जोर दिया है।
शिक्षण प्रक्रिया का निरीक्षण और प्रोत्साहन तैयारियों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर नेहा मीना ने जिले के स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षा में जाकर शिक्षण प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया और विद्यार्थियों से संवाद किया। कलेक्टर ने छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि “बोर्ड परीक्षाएं जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। सफलता के लिए केवल रटना काफी नहीं है, बल्कि विषयों की गहन समझ और निरंतर अभ्यास जरूरी है।”
कमजोरियों की पहचान और उपचार प्रशासन का मुख्य ध्यान प्री-बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों पर है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्री-बोर्ड परीक्षाओं के बाद जिन विषयों में विद्यार्थी कमजोर पाए गए हैं, उनकी पहचान की जाए। उन कमियों को दूर करने के लिए विशेष रेमेडियल कक्षाएं (उपचारात्मक कक्षाएं) आयोजित की जा रही हैं।
तैयारी की रणनीति: मॉडल पेपर और उत्तर कलेक्टर ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय में बेहतर तैयारी के लिए मॉडल प्रश्न पत्रों और आदर्श उत्तरों (Model Answers) का सहारा लें। इससे छात्रों को समय प्रबंधन और उत्तर लिखने की सही शैली समझने में मदद मिलेगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि इंदौर जिला बोर्ड परीक्षा परिणामों में प्रदेश में अग्रणी रहे और परीक्षा के दौरान किसी भी छात्र को असुविधा न हो।













