इंदौर : इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की घटना के बाद नगर निगम द्वारा किए गए त्वरित और समन्वित प्रयासों से हालात में लगातार सुधार देखा जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित नागरिकों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो।
नगर निगम ने वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था की है और निगरानी लगातार जारी है। जहां-जहां आवश्यकता है, वहां नई ड्रेनेज लाइन और पेयजल पाइपलाइन बिछाई जा रही है ताकि लोगों के घरों तक बिना रुकावट साफ पानी पहुंच सके।
नगर निगम की टीम 24 घंटे सतर्क
नगर निगम की टीम सुबह छह बजे से अलग-अलग शिफ्टों में कार्यरत है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि लीकेज को पूरी तरह बंद करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसे युद्धस्तर पर दुरुस्त किया जा रहा है।
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महापौर ने किया निरीक्षण
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भागीरथपुरा का दौरा किया और दूषित जल प्रभावित इलाकों में सीवर लाइन और नई पेयजल पाइपलाइन के कार्य का निरीक्षण किया। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन बिछाई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। बोरासी गली और आसपास के क्षेत्रों में नई पाइपलाइन डालने का भी जायजा लिया गया।
जल आपूर्ति जल्द सामान्य होगी
नगर निगम के अनुसार लीकेज दुरुस्त होने के बाद सोमवार से ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति फिर से शुरू की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि भागीरथपुरा सहित पूरे इंदौर में भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो और नागरिकों को हमेशा स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके।













