Thursday, September 24, 2026
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India-China Tension : अरुणाचल को ‘जंगनान’ बताने पर भारत का पलटवार! MEA ने चीन को दिया सख्त संदेश

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एस. जयशंकर (सोर्स- सोशल मीडिया)

नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश की एक भारतीय महिला यात्री को शंघाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद भारत और चीन के बीच नया राजनयिक तनाव खड़ा हो गया है। चीन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुणाचल प्रदेश को “जंगनान” बताते हुए दोबारा अपना विवादित दावा दोहराया। इसके जवाब में भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट कहा कि चीन की लगातार बयानबाज़ी से अरुणाचल पर भारत की स्थिति नहीं बदल सकती, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

MEA का दो-टूक बयान: अरुणाचल प्रदेश भारत का अटूट हिस्सा
भारतीय नागरिक के साथ हुई इस घटना पर MEA ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महिला को मनमाने ढंग से रोके जाने का मुद्दा सीधे चीनी पक्ष के सामने उठाया गया है। प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि चीन अपने अधिकारी की कार्रवाई का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में असफल रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियमों और चीन के स्वयं के वीज़ा-फ्री 24 घंटे ट्रांजिट नियम की भी अवहेलना है।

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क्या हुआ था शंघाई एयरपोर्ट पर?
यह पूरा मामला 21 नवंबर को शुरू हुआ, जब UK में रहने वाली और मूल रूप से अरुणाचल की निवासी पेमा वांगजोम थोंगडोक को शंघाई एयरपोर्ट पर लगभग 18 घंटे तक रोके रखा गया। वह लंदन से जापान जा रही थीं और शंघाई में केवल ट्रांजिट पर थीं। लेकिन चीनी इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट “अवैध” बताकर रोक लिया, सिर्फ इसलिए क्योंकि उनके दस्तावेज़ में जन्मस्थान – अरुणाचल प्रदेश – दर्ज था।

पेमा ने सोशल मीडिया पर बताया कि तीन घंटे का ट्रांजिट सफर एक मानसिक रूप से परेशानीभरा अनुभव बन गया, जिसमें उन्हें घंटों इंतजार कराना पड़ा और स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। बाद में भारतीय वाणिज्य दूतावास के हस्तक्षेप से उन्हें बाहर निकलने में मदद मिली।

भारतीय दूतावास की त्वरित कार्रवाई
शंघाई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने तुरंत कदम उठाते हुए महिला को आवश्यक सहायता प्रदान की। भारत सरकार ने घटना वाले दिन ही बीजिंग और नई दिल्ली में मौजूद चीनी दूतावास को औपचारिक विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ कहा कि अरुणाचल भारत का हिस्सा है और उसके निवासी भारतीय पासपोर्ट पर पूरी दुनिया में यात्रा करने के लिए पूर्ण रूप से अधिकृत हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी इस घटना को अपमानजनक और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया।

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चीन ने खारिज किया आरोप, दोहराया पुराना दावा
चीन की विदेश मंत्रालय प्रवक्ता माओ निंग ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि न तो यात्री को हिरासत में लिया गया, न कोई उत्पीड़न हुआ। उन्होंने दावा किया कि चीनी अधिकारी नियमों के अनुसार कार्य कर रहे थे। हालांकि, बयान देते समय उन्होंने फिर दोहराया कि “जंगनान” चीन का हिस्सा है और चीन भारत द्वारा निर्मित “तथाकथित अरुणाचल प्रदेश” को नहीं मानता।

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