Illegal liquor seized : भोपाल। राजधानी की क्राइम ब्रांच पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। पुलिस ने कल देर रात एक बिना नंबर की एसयूवी (SUV) कार का पीछा कर शराब तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने करीब 60 लाख रुपये बाजार मूल्य की अवैध शराब जब्त की है और तीन मुख्य तस्करों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।
एडिशनल डीसीपी (क्राइम ब्रांच) शैलेंद्र सिंह चौहान ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि एक बिना नंबर की एसयूवी कार के माध्यम से शहर की विभिन्न झुग्गी बस्तियों में अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोक लिया। तलाशी के दौरान कार से 18 पेटी देसी शराब बरामद हुई, जिसके बाद कार सवारों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका अवैध शराब का मुख्य गोदाम सेमरा क्षेत्र में स्थित है। पुलिस ने बिना देर किए बताए गए ठिकाने पर दबिश दी, जहाँ का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। सेमरा स्थित गोदाम से पुलिस ने करीब 800 पेटी अवैध शराब बरामद की। इस मामले में पुलिस ने रामा अहिरवार, राजेंद्र रावत और राजीव नागर नामक तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर तरीके से बिना नंबर के वाहनों का उपयोग कर झुग्गी बस्तियों में शराब खपाते थे ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें। जब्त की गई शराब और वाहन की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल क्राइम ब्रांच यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहाँ से लाई गई थी और इस काले कारोबार का मुख्य सरगना कौन है।













