POK : नई दिल्ली | राज्यसभा और लोकसभा में सोमवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत-पाकिस्तान के मौजूदा हालातों पर चर्चा के दौरान सियासी माहौल गर्म हो गया। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ सांसद अरविंद गणपत सावंत ने सरकार की विदेश नीति, रक्षा नीति और पाकिस्तान को लेकर मौजूदा रुख पर तीखा हमला बोला।
अरविंद सावंत ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा,
“अगर आपने पीओके ले लिया होता, तो हम प्रधानमंत्री को सिर पर लेकर नाचते।”
उन्होंने सरकार की ‘घुसकर मारने’ की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को जिस तरह घुसकर मारा, उसे असली ‘घुसकर मारना’ कहते हैं। सावंत ने सरकार के दावों की आलोचना करते हुए कहा, “आप कहते हैं पाकिस्तान के अधिकारी गिड़गिड़ा रहे थे… तो आपने क्या शर्तें रखीं? बिना किसी शर्त के युद्ध रोक दिया गया।”
उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी जब नवाज शरीफ से बिना बुलाए मिलने पाकिस्तान गए थे, तब भी सवाल उठे थे। उन्होंने याद दिलाया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी बस लेकर लाहौर गए थे, तब बाल ठाकरे ने स्पष्ट कहा था कि पाकिस्तान एक ऐसा सांप है जिसे चाहे जितना दूध पिलाओ, वह ज़हर ही उगलेगा।
सावंत ने कहा कि यह सही समय था पाकिस्तान को करारा जवाब देने का और पीओके को पुनः भारत में शामिल करने का, “लेकिन आपने मौका गंवा दिया।”
उन्होंने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा:
“जब आप युद्ध की बात करते हैं, तो पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने कैसे जा सकते हैं?”
अरविंद सावंत ने विपक्ष की भूमिका को भी स्पष्ट किया,
“पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा रहा, हमने कोई रुकावट नहीं डाली। लेकिन सरकार ने सात टीमों को विदेश भेजा, कहीं कोई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई, कोई देश हमारे साथ नहीं आया।”
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा:
“प्रधानमंत्री को धन्यवाद कि 200 देशों में से कोई एक भी हमारे साथ नहीं खड़ा हुआ, बस इजरायल खड़ा रहा — जिसकी वजह से ईरान से रिश्ते भी खराब हो गए।”
अंत में उन्होंने कहा कि सीडीएस द्वारा आत्मनिर्भरता की बात, अपने आप में संकेत है कि हमें खुद की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। उन्होंने इसे ‘आत्मनिरीक्षण’ का समय बताया।











