नई दिल्ली: हांगकांग में 27 नवंबर 2025 को तीन दशकों में सबसे खतरनाक आग लगी। यह हादसा हाईराइज बिल्डिंग्स में हुआ, जिसमें 44 लोगों की मौत हो गई और करीब 300 लोग लापता हैं। जलते हुए मचान और तेज हवाओं के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि कई परिवारों को अपने घर खाली करने पड़े।
बांस मचान बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग की शुरुआत 32-मंजिला टावर के बाहर लगी बांस की मचान से हुई। ये मचान इमारत के रेनोवेशन के लिए लगाए गए थे। तेज हवा और इमारत की नजदीकी के कारण आग आठ टावरों में फैल गई। हांगकांग की पहचान रही बांस मचान अब खतरे का कारण बन गई है।
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फायर सर्विस और राहत कार्य
आग बुझाने के लिए लगभग 140 से ज्यादा फायर ट्रक और 60 एम्बुलेंस तैनात की गईं। 900 से अधिक लोगों को टेम्पररी शेल्टर में भेजा गया। पुलिस और फायर सर्विस की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। हांगकांग प्रशासन ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें गैर इरादतन हत्या का शक है।
#WATCH | China | A huge fire that broke out at a residential apartment complex in Hong Kong yesterday, which has claimed the lives of 44 people with 300 people still missing, continues to burn. According to the Police, the fire may have been spread by unsafe scaffolding and foam… pic.twitter.com/SeCC6O9QVM
— ANI (@ANI) November 27, 2025
बांस मचान पर सरकार की रोक की तैयारी
हांगकांग सरकार पिछले कुछ वर्षों से बांस मचान के इस्तेमाल को कम करने की कोशिश कर रही थी। बांस जल्दी जलता है और तूफान या तेज हवा में टूटने का खतरा बढ़ जाता है। अधिकारियों का झुकाव अब स्टील और मेटल स्कैफोल्डिंग की ओर बढ़ रहा है।
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पहले भी हो चुकी हैं बड़ी आग
हांगकांग में आग की घटनाएं नई नहीं हैं। 2008 में मोंग कोक में लगी आग में 4 लोगों की मौत हुई थी। 1962 की आग में 44 और 1948 की आग सबसे भीषण, 176 मौतों के साथ दर्ज की गई। लेकिन यह आग 17 साल में सबसे बड़ा हादसा माना जा रहा है।हांगकांग में इस भयंकर आग ने शहर के निवासियों को दहशत में डाल दिया है। प्रशासन और फायर सर्विस की सक्रियता के बावजूद हजारों लोगों के घरों और जान-माल की सुरक्षा गंभीर संकट में है।













