Haryana News : बहादुरगढ़ में मंगेशपुर ड्रेन टूटने से बाढ़ का कहर, सेना और SDRF राहत कार्यों में जुटे, 150 गाड़ियां डूबीं, कॉलोनियां जलमग्न

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Haryana News : बहादुरगढ़ : हरियाणा के बहादुरगढ़ में मंगेशपुर ड्रेन टूटने के बाद भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाके और औद्योगिक क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। विवेकानंद नगर और छोटूराम नगर में घरों के अंदर तक पानी भर गया है, जबकि मारुति कंपनी के स्टॉकयार्ड में करीब 150 गाड़ियां डूब चुकी हैं। स्थिति गंभीर होने पर सेना ने मोर्चा संभाला है और डोट डिवीजन हिसार से आए 80 से अधिक जवान SDRF की टीम के साथ मिलकर राहत-बचाव कार्य में लगे हुए हैं। सेना ने कटाव को रोकने के लिए लोहे के जालीनुमा बड़े बॉक्स लगाए हैं जिनमें मिट्टी से भरे प्लास्टिक बैग डाले जा रहे हैं।

Haryana News : सिंचाई विभाग और नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ राहत कार्य जारी है, वहीं मेडिकल कैंप भी लगाया गया है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन ईशान सिवाच ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की कई फैक्ट्रियों में पानी भर जाने से उत्पादन ठप हो गया है। प्रशासन ने बाढ़ राहत प्रबंधन के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया है और जरूरत पड़ने पर अस्थायी आश्रय स्थल भी बनाए जाएंगे। प्रभावित इलाकों में कई परिवार छतों पर शरण लिए हैं।

Haryana News : स्थानीय लोग मंगेशपुर ड्रेन टूटने से परेशान हैं, जहां रोजमर्रा की जिंदगी ठप हो गई है। वाहन मालिकों को भी भारी नुकसान होने का खतरा है। सेना और प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

Haryana News : हिसार में घग्गर ड्रेन टूटने से 1500 एकड़ फसल जलमग्न, किसानों में मुआवजे की मांग

Haryana News : हरियाणा के हिसार जिले में घग्गर ड्रेन के तटबंध टूटने से करीब 1500 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। गुड़िया खेड़ा के पास मोडिया खेड़ा गांव में तटबंध की दरार लगभग 80 फीट तक फैल गई। पानी कई ढाणियों में 6 से 7 फीट तक भर गया है, जिससे स्थानीय किसानों की मेहनत की फसलें बर्बाद हो गईं। ग्रामीण अब सरकार से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

Haryana News : मौके पर डेरा सच्चा सौदा के स्वयंसेवक और ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स राहत कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पानी का बहाव तेज है और कई जगह इसकी गहराई 8-9 फीट तक पहुंच रही है, लेकिन कटाव रोकने के प्रयास जारी हैं। राहत दलों को उम्मीद है कि शाम तक तटबंध को पूरी तरह से बंद कर लिया जाएगा।

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