Hakimi Hospital : बुरहानपुर: बुरहानपुर के लालबाग रोड स्थित हकीमी अस्पताल में गर्भाशय के ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत के बाद उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मृतक वैष्णवी चौहान के परिजनों और रिश्तेदारों ने न्याय की मांग को लेकर आज तीसरे दिन भी क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखी। लगातार 23 दिनों तक कोई कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने आज शनवारा गेट पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक अनूठा कदम उठाते हुए प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ भी किया।
Hakimi Hospital : 23 दिनों से न्याय का इंतजार
परिजन महेश चौहान ने बताया कि यह घटना 23 दिन पहले हुई थी, जब ऑपरेशन के दौरान वैष्णवी चौहान की मौत हो गई थी, लेकिन लगातार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी उपेक्षा से नाराज होकर उन्हें भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
“हमारी बेटी और बहू की जान लापरवाही से गई है। 23 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज हमने सद्बुद्धि यज्ञ किया है ताकि प्रशासन जागे और हमें न्याय मिले।”
— महेश चौहान (परिजन)
Hakimi Hospital : कांग्रेस और अधिवक्ता संघ का समर्थन
इस आंदोलन को अब राजनीतिक और कानूनी समर्थन भी मिलने लगा है। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी और ग्रामीण जिलाध्यक्ष रविंद्र महाजन सहित कई सदस्य मौके पर पहुँचे और हड़ताल पर बैठे परिवार को समर्थन दिया।
“किसी की बेटी, किसी की बहू की जान जब कोई अस्पताल निकल जाता है तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होना चाहिए। हम इस भाजपा सरकार से माँग करते हैं कि दोषियों को बख्शा न जाए।”
— रविन्द्र महाजन (ग्रामीण जिलाध्यक्ष, कांग्रेस)
वहीं, अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष विनय शाह सहित अन्य अधिवक्ता भी मौके पर पहुँचे और न्याय की इस लड़ाई में अपना समर्थन जताया।
“यह न्याय का विषय है। अधिवक्ता संघ इस आंदोलन और भुगतान में आपके साथ है, और हम भी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।”
— विनय शाह (अधिवक्ता)
परिजनों और विभिन्न संगठनों के एकजुट होने से प्रशासन पर जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।











