Global crisis and wheat procurement : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मध्य प्रदेश सरकार ने आज दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक समितियाँ गठित की हैं। एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर छिड़े संघर्षों के प्रभाव को कम करने के लिए ‘मध्य-पूर्व संकट समिति’ बनाई गई है, वहीं दूसरी ओर रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों के हित में ‘गेहूं उपार्जन निगरानी समिति’ का गठन किया गया है।
1. मध्य-पूर्व संकट: पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति की होगी निगरानी
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण संभावित आर्थिक प्रभावों को देखते हुए सरकार ने एक उच्च-स्तरीय मंत्रिमंडल समिति गठित की है।
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प्रमुख दायित्व: यह समिति पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस और उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता पर नज़र रखेगी। साथ ही, संकटग्रस्त क्षेत्र में रह रहे मध्य प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और समस्याओं का समाधान भी इसकी प्राथमिकता होगी।
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समिति की संरचना: इसमें उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और चैतन्य कश्यप शामिल हैं। वित्त, उद्योग और कृषि विभाग के सचिव इसके स्थायी सदस्य होंगे, जबकि अपर मुख्य सचिव (खाद्य) को सदस्य सचिव बनाया गया है। यह समिति वैश्विक हालात पर नजर रखते हुए सरकार को नीतिगत सुझाव देगी।

2. गेहूं उपार्जन: किसानों को नहीं होगी परेशानी
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीदी को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक विशेष निगरानी समिति का गठन किया गया है।
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प्रमुख लक्ष्य: खरीदी केंद्रों पर बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और खरीदी प्रक्रिया की सतत समीक्षा करना।
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समिति की संरचना: इसमें राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री उदय प्रताप सिंह और पशुपालन राज्यमंत्री लखन पटेल को शामिल किया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त इसके संयोजक होंगे।
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कार्यकाल: यह समिति 30 जून 2026 तक सक्रिय रहेगी और समय-समय पर मुख्यमंत्री को अपनी अनुशंसाएं सौंपेगी।
तुलनात्मक एक नज़र में
| विशेषता | मध्य-पूर्व संकट समिति | गेहूं उपार्जन निगरानी समिति |
| उद्देश्य | वैश्विक झटकों से आर्थिक सुरक्षा | किसानों को बेहतर खरीद सुविधा |
| मुख्य फोकस | पेट्रोलियम, गैस और उर्वरक | MSP पर गेहूं की पारदर्शी खरीदी |
| कार्यकाल | अगले आदेश तक | 30 जून 2026 तक |
| मुख्य विभाग | वित्त, उद्योग, कृषि | खाद्य, राजस्व, कृषि |











