Gharghoda School Complaint : घरघोड़ा (27 फरवरी 2026): रायगढ़ जिले के ग्राम छिरभौना स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कृषि स्थाई समिति की सभापति और जनपद सदस्य श्रीमती बरत कुमारी चौहान ने स्कूल के निरीक्षण के दौरान पाया कि यहाँ के प्रधान पाठक पिछले आठ महीनों से स्कूल नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय अपने निजी कार्यों में व्यस्त रहते हैं।
जांच में सही मिली शिकायत, फिर भी अफसर मौन मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने पूर्व में कलेक्टर रायगढ़ से इसकी शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने जांच की, जिसमें प्रधान पाठक के महीनों से अनुपस्थित रहने की पुष्टि हुई। बीईओ ने अपनी जांच रिपोर्ट एसडीएम घरघोड़ा और कलेक्टर को सौंप दी है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक दोषी शिक्षक पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।
एक शिक्षक के भरोसे स्कूल, पढ़ाई बंद वर्तमान में छिरभौना का यह प्राथमिक विद्यालय महज एक शिक्षक के सहारे चल रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब वह शिक्षक किसी शासकीय कार्य या मीटिंग में चले जाते हैं, तो स्कूल में ताला लटका रहता है। ऐसे में छोटे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप्प हो गई है और ग्रामीण अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
जनपद सदस्य ने खोला मोर्चा जनपद सदस्य बरत कुमारी चौहान ने इस लापरवाही पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने एसडीएम घरघोड़ा को शिकायत सौंपते हुए मांग की है कि दोषी प्रधान पाठक पर तत्काल कार्रवाई की जाए और स्कूल में नए शिक्षक की नियुक्ति की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे पालकों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।











