Tuesday, September 8, 2026
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Singrauli Online Center Scam : सरकारी दफ्तरों के बाहर ‘सेवा’ के नाम पर मनमानी वसूली; ₹2 की फोटोकॉपी के वसूले जा रहे ₹10, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Singrauli Online Center Scam : सिंगरौली (27 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में सरकारी कार्यालयों के बाहर संचालित ऑनलाइन सेवा केंद्रों और फोटोकॉपी दुकानों पर आम नागरिकों से तय दर से कई गुना अधिक शुल्क वसूलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिले के विभिन्न दफ्तरों के बाहर डिजिटल सेवाओं के नाम पर ‘लूट’ का यह खेल खुलेआम चल रहा है, जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित ग्रामीण और गरीब तबका हो रहा है।

साधारण सेवाओं पर ‘असाधारण’ दाम स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के अनुसार, एक साधारण फोटोकॉपी, जिसकी बाजार दर ₹2 से ₹3 है, उसके लिए यहाँ ₹10 तक वसूले जा रहे हैं। वहीं, ऑनलाइन दस्तावेज प्रिंट या डाउनलोड करने के नाम पर ₹30 से ₹50 की मांग की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवेदन फॉर्म भरने या टिकट प्रिंट जैसी सेवाओं पर निर्धारित दर से दो से तीन गुना अधिक राशि ली जा रही है। सीमित विकल्प और समय की कमी के कारण लोग यह अतिरिक्त राशि देने को मजबूर हैं।

‘जल्दी काम’ के नाम पर अतिरिक्त कमीशन दुकानों पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि कुछ संचालक सरकारी बाबूओं से पहचान होने का झांसा देकर ‘काम जल्दी कराने’ के नाम पर अतिरिक्त रकम वसूलते हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन कार्यालयों के बाहर बिचौलियों की सक्रियता इस संदेह को पुख्ता करती है। डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण ग्रामीण इन केंद्रों पर पूरी तरह निर्भर हैं, जिसका फायदा संचालक उठा रहे हैं।

जनता की मांग: तय हो दर सूची व्यापक स्तर पर हो रही इस अवैध वसूली को देखते हुए स्थानीय जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:

  • सभी दुकानों और ऑनलाइन केंद्रों के बाहर आधिकारिक दर सूची (Rate List) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।

  • शिकायतों के आधार पर दुकानों की आकस्मिक जांच की जाए।

  • जो संचालक अधिक शुल्क लेते पाए जाएं, उनके लाइसेंस रद्द कर सख्त कार्रवाई हो।

फिलहाल, इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन या संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब देखना होगा कि क्या सिंगरौली प्रशासन इन अवैध गतिविधियों पर लगाम लगा पाता है या गरीबों की जेब पर डाका डलना यूँ ही जारी रहेगा।

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