Gharghoda Court Verdict : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा/रायगढ़। पत्नी की नृशंस हत्या करने वाले आरोपी पति को घरघोड़ा न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा के न्यायालय ने आरोपी अलवंन तिग्गा को अपनी पत्नी ग्रेस तिग्गा की हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद और ₹1000 के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मृतिका के आश्रितों को ₹1,00,000 की क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की अनुशंसा भी की है।
खाने-पीने की बात पर शुरू हुआ था विवाद अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह हृदयविदारक घटना लैलूंगा थाना क्षेत्र की है। 15 अप्रैल 2022 की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच अभियुक्त अलवंन तिग्गा का अपनी पत्नी ग्रेस तिग्गा के साथ खाने-पीने की बात को लेकर मामूली विवाद हुआ था। देखते ही देखते गुस्सा इस कदर बढ़ा कि पति ने घर में रखी टांगी (कुल्हाड़ी) से पत्नी के गले और छाती पर ताबड़तोड़ तीन-चार वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
दामाद की सूचना पर दर्ज हुआ था मामला घटना की जानकारी सूचक और मृतिका के दामाद अल्फोंन तिग्गा को फोन के माध्यम से मिली थी। जब वह अपने ससुराल पहुँचा, तो देखा कि उसकी सास घर के अंदर लहुलुहान हालत में पड़ी थी। सूचना के आधार पर तत्कालीन विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक बी.एस. पैंकरा ने थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 81/2022 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी अलवंन तिग्गा के विरुद्ध धारा 302 (भारतीय दंड संहिता) के तहत चालान पेश किया था।
न्यायालय ने माना जघन्य अपराध विचारण के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना और गवाहों के बयान दर्ज किए। अभियोजन पक्ष की ओर से रखे गए मजबूत साक्ष्यों और अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर की दलीलों के आधार पर न्यायालय ने पाया कि आरोपी ने जानबूझकर अपनी पत्नी की हत्या की है। सभी पक्षों के परीक्षण और प्रति-परीक्षण के बाद विद्वान न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाते हुए उसे समाज के लिए एक कड़ा संदेश देने हेतु आजीवन कारावास की सजा सुनाई।











