Umaria News:-दीपक विश्वकर्मा/ उमरिया। जिले में घरेलू रसोई गैस की भारी किल्लत से आम उपभोक्ता परेशान हैं। गैस सिलेंडर लेने के लिए महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, लेकिन दूसरी ओर कई दुकानों, ढाबों और होटलों में घरेलू गैस सिलेंडरों का खुलेआम उपयोग होता देखा जा रहा है। इस स्थिति ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Umaria News: एक तरफ जहां घरेलू उपभोक्ता समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान हैं, वहीं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस का उपयोग नियमों की अनदेखी का संकेत दे रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित ढाबों, चाय की दुकानों और छोटे-बड़े होटलों में घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल किए जाने की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
Umaria News: मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी रोहित सिंह यह दावा कर रहे हैं कि दुकानों और होटलों को घरेलू गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, तो फिर ये सिलेंडर आखिर वहां तक पहुंच कैसे रहे हैं? जमीनी हकीकत और विभागीय दावों के बीच साफ विरोधाभास दिखाई दे रहा है।
Umaria News: स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसियों के कुछ कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत से घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो यह सीधे तौर पर घरेलू उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है, क्योंकि जिन सिलेंडरों का उपयोग घरों में होना चाहिए, वे व्यावसायिक गतिविधियों में खपाए जा रहे हैं।
Umaria News: यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि खाद्य विभाग को इस अवैध उपयोग की जानकारी नहीं है, तो उसकी निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। वहीं यदि विभाग को जानकारी है, तो अब तक संबंधित प्रतिष्ठानों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
Umaria News: जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी रोहित सिंह का कहना है कि विभाग द्वारा नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है और शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। हालांकि लोगों का कहना है कि जब दुकानों और होटलों में घरेलू सिलेंडर खुलेआम उपयोग होते दिखाई दे रहे हैं, तब केवल शिकायत और जांच की बात करना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है।
Umaria News: जिले में गैस संकट और घरेलू सिलेंडरों के कथित दुरुपयोग का यह मामला अब आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को उनका अधिकार मिल सके और गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।









