दिल्ली/एनसीआर : दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलाने पर लगी पाबंदी को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान एनसीआर राज्यों ने अदालत से ग्रीन पटाखों को सशर्त अनुमति देने की मांग की। राज्यों का कहना था कि अगर अदालत अनुमति दे, तो केवल एनईईआरआई (NEERI) द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बाजार में बेचे जाएं और सख्त निगरानी व समय सीमा लागू की जाए।
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प्रमुख प्रस्तावित दिशा-निर्देश :
- दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति।
- केवल एनईईआरआई प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री।
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित।
- क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर रात 11.55 बजे से 12.30 बजे तक पटाखे जलाने की अनुमति।
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी पक्षों की दलीलों पर गौर किया, लेकिन कोई अंतिम आदेश अभी नहीं दिया। मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने सवाल किया कि पटाखों पर पहले से बैन के बावजूद AQI में सुधार हुआ या नहीं, जिस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि AQI में सुधार कोविड के कारण था, पटाखों की रोक के कारण नहीं।
पारदर्शिता और नियंत्रण:
पटाखा उत्पादकों के वकील ने सुझाव दिया कि केवल 49 प्रमाणित NEERI उत्पादकों को ही अनुमति दी जाए ताकि बिक्री पर नियंत्रण और पारदर्शिता बनी रहे। अदालत ने इस मुद्दे पर आगे की सुनवाई की तारीख निर्धारित की है।













