fake education consultancy : बिलासपुर : फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी की जालसाजी का मामला बिलासपुर में सामने आया है, जहां एडमिशन के नाम पर एक व्यापारी से 30 लाख रुपये की ठगी की गई। व्यापारी को पुणे स्थित चोंढे ग्रुप एजुकेशन कंसल्टेंसी के नाम पर झांसा दिया गया था। ठगों ने पहले व्यापारी का भरोसा जीता और फिर बैंक ट्रांसफर व नकद रूप में मोटी रकम वसूल ली।
fake education consultancy : जानकारी के मुताबिक, ठगों ने व्यापारी को विश्वास दिलाया कि उनके बेटे का दाखिला पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में सुनिश्चित है। एडमिशन प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग किश्तों में 30 लाख रुपये वसूले गए। बाद में जब व्यापारी ने कॉलेज से संपर्क किया, तो पता चला कि ऐसा कोई एडमिशन हुआ ही नहीं है। फिलहाल सिविल लाइन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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fake education consultancy : इसी तरह, रायपुर में भी फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के जरिये लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया था। 5 अक्टूबर को पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत गोल चौक डगनिया और कटोरा तालाब इलाके में बने फर्जी कार्यालयों में छापा मारा। इस दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो जीवन जोड़ी, रॉयल रिश्ते और ई-रिश्ता नाम से साइट बनाकर लोगों को फर्जी वर-वधू के फोटो दिखाकर ठगी करते थे।
fake education consultancy : आरोपियों की पूछताछ और तकनीकी जांच में सामने आया कि वे [www.erishtaa.com](http://www.erishtaa.com), [www.jeevanjodi.com](http://www.jeevanjodi.com) और [www.royalrishtey.com](http://www.royalrishtey.com) जैसी फर्जी वेबसाइट चलाते थे। ये वेबसाइटें चीन के नागरिकों से जुड़े साइबर नेटवर्क से जुड़ी थीं और मनी लाउंड्रिंग के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। खातों का नियंत्रण APK के माध्यम से किया जाता था और ट्रांजेक्शन के हिसाब से कमीशन दिया जाता था।
fake education consultancy : छापे के दौरान पुलिस ने 50 मोबाइल, 10 डेस्कटॉप कंप्यूटर, कई सिम कार्ड और 60 बैंक खातों से जुड़ा करोड़ों रुपये का ठगी नेटवर्क उजागर किया। आरोपियों ने देश के विभिन्न राज्यों के 500 से अधिक लोगों को निशाना बनाया था। बैंक से भी ऐसे खातों की जानकारी ली जा रही है जिनमें असामान्य लेनदेन हो रहे हैं।
fake education consultancy : फर्जी वेबसाइट और म्यूल बैंक अकाउंट के इस नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गजसिंघ सुना सूरदा (बलांगीर, ओडिशा), भिखु सचदेव भाटिया (द्वारिका, गुजरात), साहिल कौशिक (तखतपुर, बिलासपुर) और हर्षित शर्मा (अरविंद नगर, रायपुर) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं और जांच जारी है।













