Saturday, September 26, 2026
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Domestic LPG Price Surge Concerns: घरेलू एलपीजी पर तेल कंपनियों का घाटा ₹59,000 करोड़ पार, जानिए क्या महंगे होंगे गैस सिलेंडर?

नई दिल्ली [Nishanebaaz News]Domestic LPG Price Surge Concerns। देश में सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर घरेलू एलपीजी गैस बेचने से होने वाला नुकसान (अंडर-रिकवरी) लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जुलाई तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की कुल अंडर-रिकवरी ₹59,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। यह स्थिति तब है जब केंद्र सरकार द्वारा कंपनियों को इस घाटे से उबारने के लिए करीब ₹52,000 करोड़ की बड़ी राहत राशि दी जा चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में आई भारी तेजी इस घाटे की मुख्य वजह है। जब वैश्विक बाजार में रसोई गैस महंगी होती है, तो कंपनियों की खरीद लागत बढ़ जाती है। हालांकि, आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए घरेलू सिलेंडर के दामों में तुरंत और पूरी बढ़ोतरी नहीं की जाती, जिससे बिक्री मूल्य और वास्तविक लागत के बीच का अंतर कंपनियों का नुकसान बन जाता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर जून से ₹942 पर बना हुआ है।

इस घाटे की भरपाई के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 में ₹22,000 करोड़ और वित्त वर्ष 2025-26 व 2026-27 के लिए मिलाकर ₹30,000 करोड़ का मुआवजा स्वीकृत किया है। फिर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों का दबाव इतना अधिक रहा कि घाटा बढ़ता चला गया। राहत की बात यह है कि जून में प्रति सिलेंडर घाटा जहाँ ₹700 से अधिक और जुलाई में लगभग ₹500 था, वहीं अगस्त में यह घटकर ₹188 प्रति सिलेंडर पर आ गया है।

सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या आने वाले दिनों में आम जनता के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर महंगा हो जाएगा? वर्तमान में सरकार या तेल कंपनियों की तरफ से घरेलू सिलेंडर के दामों में तत्काल किसी बड़े इजाफे का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। इसके अलावा, पीएम उज्ज्वला योजना के 10.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को ₹300 की लक्षित सब्सिडी के बाद प्रति सिलेंडर प्रभावी दर ₹642 ही पड़ रही है। हालांकि, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है, तो कंपनियों के मार्जिन को संतुलित करने के लिए भविष्य में नीतिगत समीक्षा की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।

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