Virus Alert: वैक्सीन होने के बाद भी क्यों डराने लगा Ebola? एक्सपर्ट ने खोला बड़ा राज

Ebola Virus Alert :दुनियाभर को दहला देने वाले इबोला वायरस को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर चुका है, लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि जब इस वायरस की वैक्सीन मौजूद है तो फिर मौतों का सिलसिला क्यों नहीं रुक रहा? हाल ही में 100 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद दुनिया भर की हेल्थ एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं।

इबोला वायरस को दुनिया के सबसे खतरनाक वायरसों में गिना जाता है। इसकी मृत्युदर कोविड-19 से भी कहीं ज्यादा मानी जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, संक्रमित होने वाले 80 से 90 फीसदी मरीजों की मौत तक हो सकती है। यही वजह है कि जैसे ही किसी इलाके में इसके मामले सामने आते हैं, स्वास्थ्य विभागों में हड़कंप मच जाता है।

नया स्ट्रेन बढ़ी चिंता
महामारी विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला वायरस के कई अलग-अलग स्ट्रेन होते हैं। मौजूदा समय में जो मामले सामने आ रहे हैं, उनमें Bundibugyo नाम का स्ट्रेन शामिल बताया जा रहा है। यही स्ट्रेन अब सबसे ज्यादा चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि उपलब्ध वैक्सीन इस पर पूरी तरह असरदार नहीं मानी जा रही।
Mass vaccinations will not prevent Ebola virus outbreaksइबोला वैक्सीन सवाल
विशेषज्ञ डॉ. जुगल किशोर के अनुसार, FDA से अप्रूव वैक्सीन जरूर मौजूद है, लेकिन हर स्ट्रेन पर उसका प्रभाव समान नहीं होता। कुछ स्ट्रेन इतने तेजी से म्यूटेट होते हैं कि उनके खिलाफ नई वैक्सीन तैयार करना चुनौती बन जाता है। यही वजह है कि वैक्सीन होने के बावजूद संक्रमण और मौतों का खतरा बना हुआ है।
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अफ्रीका हेल्थ संकट
इबोला के अधिकतर मामले उप-सहारा अफ्रीका के इलाकों से सामने आते हैं। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं कमजोर होने के कारण समय पर इलाज और वैक्सीन उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है। कई गांव और दूरदराज इलाके ऐसे हैं जहां मेडिकल टीम पहुंचने में ही कई दिन लग जाते हैं।
The inside story of how scientists produced an Ebola vaccineसंक्रमण फैलने का तरीका
इबोला संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर के तरल पदार्थ और संक्रमित जानवरों के संपर्क से फैलता है। कई मामलों में मरीजों के शरीर के अंदर ब्लीडिंग शुरू हो जाती है, जो जानलेवा साबित होती है। यही कारण है कि इस वायरस को बेहद घातक माना जाता है।

इबोला लक्षण अलर्ट
इस वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं। मरीज को तेज बुखार, कमजोरी, बदन दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होती है। लेकिन स्थिति बिगड़ने पर इंटरनल ब्लीडिंग शुरू हो सकती है, जो मौत का कारण बनती है।
Ebola vaccine regimen safe and effective for children and adultsवैश्विक महामारी डर
WHO और कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं कि कहीं यह वायरस सीमाओं से बाहर तेजी से न फैल जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा और ट्रांजिट के कारण किसी भी संक्रमण को रोकना पहले से ज्यादा कठिन हो गया है।

इबोला बचाव उपाय
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि जिन इलाकों में संक्रमण फैला है, वहां यात्रा से बचें। संक्रमित मरीजों या उनके शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से बचना बेहद जरूरी है। साथ ही किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत मेडिकल जांच करानी चाहिए।
Final trial results confirm Ebola vaccine provides high protection against diseaseदुनिया में बढ़ती बेचैनी
इबोला का खतरा सिर्फ अफ्रीका तक सीमित नहीं माना जा रहा। जिस तेजी से वायरस के नए स्ट्रेन सामने आ रहे हैं, उसने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या हेल्थ एजेंसियां इस नए खतरे को समय रहते रोक पाएंगी या दुनिया फिर किसी बड़ी महामारी की तरफ बढ़ रही है।

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