Korba Panchayat Protest: कोरबा। जिले के पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के तबादले को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रशासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के बाद जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जनपद सदस्यों ने खुलकर विरोध जताया है। जनप्रतिनिधियों ने इसे जनपद के विकास कार्यों के लिए नुकसानदायक बताते हुए प्रदेशभर में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
Korba Panchayat Protest: दरअसल, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जय प्रकाश डड़सेना को जिला पंचायत कोरबा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ किया गया है। वहीं उनके स्थान पर भूपेंद्र कुमार सोनवानी को आगामी आदेश तक पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
Korba Panchayat Protest: इस आदेश के सामने आते ही जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों में नाराजगी फैल गई। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जय प्रकाश डड़सेना क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, ग्रामीण समस्याओं और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति से भलीभांति परिचित हैं। उनके कार्यकाल में कई विकास कार्यों को गति मिली है और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आई है। ऐसे समय में जब सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में समस्याओं के त्वरित समाधान का अभियान चल रहा है, तब उनका तबादला समझ से परे है।
Korba Panchayat Protest: जनपद उपाध्यक्ष और सदस्यों ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान अधिकारी जनता के बीच पहुंचकर शिकायतों का निराकरण कर रहे हैं। ऐसे समय में अनुभवी अधिकारी को हटाना क्षेत्र के विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। उनका कहना है कि अधिकारी को क्षेत्र के हर गांव और चल रहे कार्यों की जानकारी है, इसलिए उनका अचानक स्थानांतरण उचित नहीं है।
Korba Panchayat Protest: इसी नाराजगी के चलते जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों ने सामूहिक रूप से सुशासन तिहार कार्यक्रम से दूरी बनाने का फैसला किया है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक स्थानांतरण आदेश पर पुनर्विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
Korba Panchayat Protest: जनपद अध्यक्ष ने भी सीईओ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारी का जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरण आदेश वापस लेकर पुराने सीईओ को पुनः पदस्थ नहीं किया गया, तो जनपद पंचायत कार्यालय में तालाबंदी सहित व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
Korba Panchayat Protest: जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे पहले अपनी मांग को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से शासन-प्रशासन के समक्ष रखेंगे। इस संबंध में प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से मुलाकात कर अपनी बात रखी जाएगी। यदि इसके बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो जनपद पंचायत कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन और अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
Korba Panchayat Protest: फिलहाल सीईओ के तबादले को लेकर पोंडी उपरोड़ा की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि शासन और जिला प्रशासन इस विरोध पर क्या रुख अपनाता है।









