Digvijaya Singh Ayodhya Visit : इंदौर | 27 मार्च 2026 मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के फैसले पर इंदौर की राजनीति गरमा गई है। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और एमआईसी सदस्य (नहर अध्यक्ष) सुमित मिश्रा ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘सद्बुद्धि का आगमन’ करार दिया है।
“देर से आए, लेकिन सही राह पर आए”
दिग्विजय सिंह के मंदिर दर्शन पर टिप्पणी करते हुए सुमित मिश्रा और महापौर भार्गव ने संयुक्त रूप से कहा कि वे देर से ही सही, लेकिन सही रास्ते पर आए हैं। सुमित मिश्रा ने विशेष रूप से निशाना साधते हुए कहा, “दिग्विजय सिंह जी तब मंदिर पहुँचे हैं जब वे किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं। हमें उम्मीद है कि अब वे मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर के निर्माण में कोई आपत्ति नहीं लेंगे और हमारे साथ खड़े होंगे।”
महापौर का कटाक्ष: “श्रीराम को पढ़ना भी चाहिए”
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दिग्विजय सिंह के अयोध्या दौरे को ‘सद्बुद्धि’ से जोड़ते हुए कहा कि प्रभु श्री राम दर्शन करने वाले हर व्यक्ति को आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
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सद्बुद्धि का आशीर्वाद: “प्रभु श्री राम ने दिग्विजय सिंह को सद्बुद्धि दी है, जिसके कारण वे अयोध्या पहुँचे हैं।”
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दान पर प्रतिक्रिया: दिग्विजय सिंह द्वारा मंदिर निर्माण के लिए दिए गए दान पर महापौर ने कहा कि मंदिर निर्माण में समाज के हर वर्ग का योगदान है, यह किसी एक का नहीं है।
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अध्ययन की सलाह: महापौर ने आगे कहा कि केवल दर्शन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सद्बुद्धि के लिए व्यक्ति को भगवान श्री राम को पढ़ना और समझना भी चाहिए।
बदली हुई राजनीतिक हवा
राजनीतिक गलियारों में दिग्विजय सिंह के अयोध्या दौरे को उनकी छवि बदलने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, भाजपा नेताओं की यह प्रतिक्रिया स्पष्ट करती है कि वे हिंदुत्व के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते। विशेष रूप से मथुरा और काशी के आगामी मुद्दों को लेकर भाजपा ने अभी से दिग्विजय सिंह से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग कर दी है।











