Thursday, August 27, 2026
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Operation Shankhnad: सलाखों के पीछे पहुंचे मवेशी तस्कर: गिरफ्तार आरोपी सत्यपाल और तिहारू राम भेजे गए न्यायिक रिमांड पर; जब्त गोवंश सलखिया गौशाला सुपुर्द

Operation Shankhnad: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनांद” के तहत धरमजयगढ़ थाना पुलिस और डॉयल 112 की टीम को मवेशी तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी विधिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने देर रात घेराबंदी कर एक पिकअप वाहन से क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंस कर बूचड़खाने (Slaughterhouse) ले जाए जा रहे 08 नग मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। इस त्वरित विधिक कार्रवाई में पुलिस ने मौके से दो अंतरजिला तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने मवेशियों सहित तस्करी में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया है और पकड़े गए आरोपियों को सक्षम न्यायालय के आदेश पर न्यायिक रिमांड (Judicial Remand) पर जेल भेज दिया है।

आधी रात खड़गांव में डॉयल 112 की त्वरित दबिश; ऐसे नाकाम हुई तस्करों की साजिश

धरमजयगढ़ पुलिस से प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सूचना तंत्र और आपातकालीन सेवा डॉयल 112 की सजगता के कारण संभव हो सकी।

  • मुखबिर की सूचना: दिनांक 24 मई 2026 की रात्रि को डॉयल 112 की टीम को विश्वसनीय माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम खड़गांव के पास एक संदिग्ध पिकअप वाहन में अवैध रूप से मवेशियों को लोड किया गया है और उन्हें तस्करी के उद्देश्य से बाहर ले जाने की तैयारी है।

  • तत्परता से घेराबंदी: सूचना को विधिक रूप से पुख्ता मानते हुए डॉयल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस टीम को देखकर वाहन के पास अफरा-तफरी मच गई। तस्दीक करने पर पिकअप वाहन क्रमांक CG 12 AS 8363 के भीतर अत्यंत अमानवीय और क्रूरतापूर्ण तरीके से 08 नग मवेशियों को बांधकर लोड किया गया पाया गया।

कोरबा के दो सगे मवेशी तस्कर गिरफ्तार; वाहन चालक रमेश राठिया फरार

पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर वाहन में सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों को विधिक हिरासत में लेकर पूछताछ की।

  • गिरफ्तार आरोपी: पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सत्यपाल राठिया (पिता स्व. पंचु राठिया, उम्र 21 वर्ष) तथा तिहारू राम राठिया (पिता फिरत सिंह राठिया, उम्र 30 वर्ष) बताया। दोनों आरोपी चाकामार नवापारा, थाना बालको (जिला कोरबा) के स्थायी निवासी हैं।

  • फरार आरोपी: पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि पिकअप का मुख्य वाहन चालक रमेश राठिया (निवासी चाकामार नवापारा, थाना रजगामार, जिला कोरबा) पुलिस की गाड़ी को दूर से आते देख गाड़ी को चालू हालत में छोड़कर मौके से ही भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

कड़े पशु परिरक्षण और क्रूरता निवारण कानूनों के तहत अपराध दर्ज; मवेशी गौशाला सुपुर्द

डॉयल 112 में तैनात आरक्षक प्याराजीवन टोप्पो द्वारा इस गंभीर मामले की त्वरित विधिक सूचना धरमजयगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े को दी गई। थाना प्रभारी के निर्देश पर तत्काल आरोपियों, मवेशियों और पिकअप वाहन को धरमजयगढ़ थाने लाया गया।

विधिक धाराओं के तहत कार्रवाई: थाना धरमजयगढ़ में तीनों आरोपियों (सत्यपाल, तिहारू राम और फरार चालक रमेश राठिया) के विरुद्ध अपराध क्रमांक 147/2026 पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ:

  1. छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा

  2. पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत गैर-जमानती और कठोर वैधानिक कार्रवाई की है।

गिरफ्तार दोनों आरोपियों को स्थानीय विधिक न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, मुक्त कराए गए सभी 08 मवेशियों के समुचित उपचार, चारे और पानी की विधिक व्यवस्था के लिए उन्हें स्थानीय ग्राम सलखिया स्थित शासकीय गौशाला में सुरक्षित रखवाया गया है।

एसएसपी (SSP) शशि मोहन सिंह का कड़ा और विधिक संदेश

इस सफल कार्रवाई पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई मंजू मिश्रा, प्रधान आरक्षक जगित राठिया, आरक्षक प्याराजीवन टोप्पो एवं ईआरवी (ERV) चालक इलियास खान उर्फ बबलू शामिल रहे।

मामले के विधिक खुलासे के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा है:

“रायगढ़ जिले की भौगोलिक सीमाओं के भीतर मवेशी तस्करी, गोवंश के अवैध परिवहन और मूक पशुओं के प्रति क्रूरता करने वाले किसी भी सिंडिकेट या सफेदपोश को बख्शा नहीं जाएगा। ‘ऑपरेशन शंखनांद’ का मूल उद्देश्य ही अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना है। रायगढ़ पुलिस की यह सख्त विधिक मुहिम लगातार और अधिक आक्रामकता के साथ जारी रहेगी।”

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