Vidisha Jal Ganga Abhiyan: विदिशा। मध्य प्रदेश में जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की प्रदेशव्यापी शुरुआत की गई। इसी क्रम में विदिशा जिले में बेतवा नदी के प्रसिद्ध बड़ वाले घाट पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश सरकार के सहकारिता एवं खेल एवं युवक कल्याण मंत्री Vishvas Sarang मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।
Vidisha Jal Ganga Abhiyan:अभियान के तहत उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बेतवा नदी के घाटों पर श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान घाटों की साफ-सफाई के साथ नदी संरक्षण को लेकर जनजागरूकता का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में नदी और घाटों की सांकेतिक पूजा-अर्चना कर जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया गया।
जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास
Vidisha Jal Ganga Abhiyan:कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनसहभागिता का महाअभियान है, जिसका उद्देश्य नदियों, तालाबों, कुओं और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
Vidisha Jal Ganga Abhiyan:उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री भी जल संरक्षण से जुड़े आयोजनों में शामिल होकर लोगों को इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
बेतवा संरक्षण के प्रयासों की सराहना
Vidisha Jal Ganga Abhiyan:मंत्री सारंग ने विदिशा में बेतवा नदी के संरक्षण के लिए लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा चलाए जा रहे अभियान नदी संरक्षण के क्षेत्र में प्रेरणादायक उदाहरण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी के माध्यम से बेतवा नदी को और अधिक स्वच्छ एवं संरक्षित बनाया जा सकेगा।
नदी पूजन और वृक्षारोपण का आयोजन
Vidisha Jal Ganga Abhiyan:कार्यक्रम के दौरान मंत्री विश्वास सारंग ने बेतवा नदी की विधिवत पूजा-अर्चना की और जल संरक्षण का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का आह्वान भी किया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
दो दशकों से जारी है बेतवा संरक्षण का अभियान
Vidisha Jal Ganga Abhiyan:इस अवसर पर बेतवा उत्थान समिति के संरक्षक अतुल शाह ने बताया कि वर्ष 2003 से समिति सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार बेतवा नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। समिति के सदस्य नियमित रूप से श्रमदान कर नदी तटों की सफाई, जनजागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रम संचालित करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किया गया जल गंगा संवर्धन अभियान नदी संरक्षण के प्रयासों को नई ऊर्जा और व्यापक जनसमर्थन प्रदान करेगा।
जल संरक्षण को लेकर बढ़ रही जागरूकता
Vidisha Jal Ganga Abhiyan:विदिशा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अभियान साबित हुआ। बेतवा नदी के संरक्षण के लिए प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी यह दर्शाती है कि जल संकट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास ही सबसे प्रभावी माध्यम हो सकते हैं।









