नई दिल्ली : नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में शराब खरीदने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब शहर के मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मेट्रो स्टेशन परिसरों में भी प्रीमियम liquor stores की अनुमति दी जाएगी। नई नीति के अनुसार ग्राहक भीड़, धक्का-मुक्की या लंबी लाइनों की परेशानी के बिना आराम से अपनी पसंद का ब्रांड चुन सकेंगे। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था अधिक पारदर्शी, साफ-सुथरी और उपभोक्ता-हितैषी होगी।
अब मॉल और मेट्रो स्टेशन बनेंगे प्रीमियम शराब हब
नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली में पहली बार मॉल्स और बड़े कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में वॉक-इन स्टाइल शराब दुकानें खुलेंगी। ये स्टोर आधुनिक सुविधा से लैस होंगे—
- एयर कंडीशनिंग
- ब्राइट लाइटिंग
- प्रीमियम और लग्ज़री ब्रांड्स का विस्तृत कलेक्शन
- शेल्फ़ डिस्प्ले पर स्पष्ट कीमतें
ग्राहक दुकानों में अंदर जाकर आसानी से ब्रांड देख, छूकर और चुनकर खरीद पाएंगे।
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सरकारी एजेंसियां ही चलाएंगी सभी शराब दुकानें
नई नीति की सबसे बड़ी बात यह है कि अब दिल्ली में शराब की रिटेल बिक्री का पूरा नियंत्रण सरकार के पास होगा। कोई भी प्राइवेट कंपनी शराब नहीं बेच सकेगी।
चार सरकारी एजेंसियों को दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी:
- DSIIDC
- DTTDC
- DSCSC
- DCCWS
इस बदलाव के साथ दिल्ली का पुराना हाइब्रिड मॉडल हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
25 वर्ष से कम उम्र वालों को शराब बिक्री पर सख्ती
नई नीति में शराब खरीदने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष ही रखी गई है।
इसके अलावा—
- स्कूलों
- धार्मिक स्थलों
- घनी रिहायशी सोसाइटियों
के आसपास दुकान खोलने पर पूरी तरह रोक होगी।
शराब के दाम बढ़ने की संभावना
मॉल्स और मेट्रो स्टेशन जैसे हाई-रेंटल स्थानों में प्रीमियम दुकानें खोलना महंगा पड़ेगा।
अभी सरकारी एजेंसियों को प्रति बोतल मात्र ₹50 कमीशन मिलता है।नई नीति में इसे बढ़ाने की सिफ़ारिश की गई है।कमीशन बढ़ने और प्रीमियम लोकेशन के खर्च के चलते शराब के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है।











