Cricket News: नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टीम में चयन नहीं होने और उनके संन्यास को लेकर चल रही चर्चाओं पर खुलकर अपनी बात रखी है। शमी ने साफ कहा कि उन्हें किसी से जलन, गुस्सा या नफरत नहीं है। अगर उनका प्रदर्शन और फिटनेस टीम में जगह पाने के लायक नहीं है, तो चयनकर्ता उन्हें बाहर रख सकते हैं, लेकिन देश की जीत सबसे ज्यादा मायने रखती है।
Cricket News: स्पोर्ट्स तक से बातचीत के दौरान शमी ने सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों के करियर और संन्यास को लेकर होने वाली चर्चाओं पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग व्यूज और लाइक्स के लिए छोटी-छोटी बातों को बड़ा मुद्दा बना देते हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को लेकर भी सोशल मीडिया पर इसी तरह की चर्चाएं होती रहती हैं।
संन्यास के सवाल पर शमी ने क्या कहा?
अपने संन्यास को लेकर शमी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका खेल से दूर होने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस दिन सुबह 6:30 या 7 बजे उठकर मैदान पर जाने का मन नहीं करेगा और क्रिकेट खेलने से बोरियत होने लगेगी, उस दिन वह खुद संन्यास लेने का फैसला कर लेंगे। लेकिन अभी वह खेल से बोर नहीं हुए हैं और जब तक शरीर में ताकत है, खेलते रहेंगे।
चयन पर बोले- देश की जीत सबसे जरूरी
टीम इंडिया में जगह नहीं मिलने के सवाल पर शमी ने कहा कि अगर उनका प्रदर्शन और फिटनेस चयन के मानकों पर खरे उतरते हैं, तो उन्हें मौका मिलना चाहिए। अगर चयनकर्ताओं को लगता है कि वह टीम में जगह पाने के योग्य नहीं हैं, तो किसी बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मौका दिया जाना चाहिए। उनके लिए व्यक्तिगत चयन से ज्यादा जरूरी देश की जीत है।
‘संन्यास का फैसला खिलाड़ी पर छोड़ देना चाहिए’
शमी ने कहा कि किसी खिलाड़ी ने देश के लिए 15 से 17 साल तक क्रिकेट खेला हो, मैदान पर पसीना बहाया हो और कई उपलब्धियां हासिल की हों, तो उसके संन्यास का फैसला उसी पर छोड़ देना चाहिए। किसी दूसरे व्यक्ति को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि खिलाड़ी का करियर अब खत्म हो जाना चाहिए।
Cricket News: उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन हमेशा एक जैसा नहीं रहता। खिलाड़ी मशीन नहीं, इंसान होते हैं। प्रदर्शन के आधार पर चयन नहीं होना उन्हें स्वीकार है, लेकिन संन्यास लेने का फैसला उनका निजी अधिकार होना चाहिए। फिलहाल शमी के बयान से साफ है कि वह क्रिकेट छोड़ने के मूड में नहीं हैं। अब देखना होगा कि उन्हें भारतीय टीम में वापसी का मौका कब मिलता है और वह अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का भरोसा दोबारा कैसे जीतते हैं।