भोपाल। राजधानी भोपाल के अयोध्या बाईपास को 10 लेन चौड़ा करने की योजना अब विवादों के घेरे में आ गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा सड़क निर्माण के लिए हजारों पेड़ों की कटाई शुरू करने के विरोध में आज कांग्रेस ने ‘चिपको आंदोलन’ शुरू कर दिया। सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी अयोध्या बाईपास पहुंचे और पेड़ों से चिपक कर उन्हें काटने का कड़ा विरोध किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क परियोजना के लिए क्षेत्र के लगभग 10,000 से अधिक पेड़ों को काटा जाना प्रस्तावित है। NHAI ने अब तक सैकड़ों पेड़ काट भी दिए हैं, जिसका पर्यावरण प्रेमियों और विपक्षी दल ने विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले में कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि विकास के नाम पर भोपाल की हरियाली को नष्ट करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने बताया कि यह मामला अभी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में विचाराधीन है। इसके बावजूद प्रशासन और NHAI द्वारा पेड़ों की कटाई शुरू करना कानून का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर दुनिया पर्यावरण बचाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी के फेफड़ों कहे जाने वाले इन पेड़ों को बेरहमी से काटा जा रहा है।
इधर, NHAI के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सड़क निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई अनिवार्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जितने पेड़ काटे जाएंगे, उससे दोगुने पेड़ अन्य स्थानों पर लगाए जाएंगे। हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि नए पेड़ लगाने का वादा अक्सर कागजों तक ही सीमित रहता है और वर्षों पुराने हरे-भरे पेड़ों की भरपाई नए पौधों से नहीं की जा सकती।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि पेड़ों की कटाई तुरंत नहीं रोकी गई, तो यह आंदोलन पूरी राजधानी में फैलाया जाएगा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन कांग्रेसियों के ‘चिपको आंदोलन’ के कारण कुछ समय के लिए कटाई का काम रोकना पड़ा। अब देखना होगा कि एनजीटी इस मामले में क्या निर्देश जारी करता है और विकास की इस रफ्तार में पर्यावरण का क्या भविष्य होता है।













