MP Solar Power Revolution : MP में सौर ऊर्जा का नया कीर्तिमान: देश की सबसे सस्ती बिजली और मुरैना में पहली ‘एनर्जी स्टोरेज’ परियोजना को मंजूरी

VIKASH KHALKHO

MP Solar Power Revolution : भोपाल। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा योजना (KUSUM) के तहत मध्यप्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के सामने एक नई मिसाल पेश की है। प्रदेश को अब तक लगभग 14,500 मेगावाट क्षमता के करीब 550 प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 4,500 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया गया है। यह राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है।

राज्य सरकार के प्रयासों से मध्यप्रदेश में सौर बिजली की दरें 2.40 से 2.85 रुपये प्रति यूनिट के बीच प्राप्त हुई हैं। ये दरें पूरे देश में डिसेंट्रलाइज्ड रिन्यूएबल एनर्जी (DRE) की न्यूनतम दरों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी सस्ती बिजली उपलब्ध होने से न केवल किसानों को दिन के समय पर्याप्त ऊर्जा मिलेगी, बल्कि ग्रिड प्रबंधन को भी अतिरिक्त मजबूती प्राप्त होगी।

इस कड़ी में मुरैना जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। सरकार ने मुरैना में 440 मेगावाट क्षमता की सोलर पावर परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना की सबसे खास बात इसमें शामिल 4 घंटे का ‘ऊर्जा भंडारण’ (Energy Storage) सिस्टम है। यह प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना होगी जो रात में भी बिजली आपूर्ति में सहायक होगी। इसे 2.70 रुपये प्रति यूनिट की ऐतिहासिक दर पर स्थापित किया जा रहा है, जो देश में अब तक की न्यूनतम दर मानी जा रही है।

मुरैना की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से केवल बिजली ही नहीं मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक ढांचे में भी बड़ा बदलाव आएगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। इसके साथ ही ग्रिड को बैलेंस करने के लिए सरकार अब एनर्जी स्टोरेज तकनीक पर विशेष फोकस कर रही है।

स्वच्छ ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सरकार अब ‘सोलर कुकर’ को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक परिवारों को सोलर कुकर से जोड़ा जाए, जिससे घरेलू ईंधन (गैस/लकड़ी) पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। आने वाले दिनों में इसके लिए व्यापक अभियान छेड़ा जाएगा।

मध्यप्रदेश जिस तेजी से नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचारों को अपना रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि राज्य जल्द ही देश का ‘ग्रीन एनर्जी हब’ बनकर उभरेगा। सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा का यह समन्वय प्रदेश के भविष्य को रोशन करने के लिए तैयार है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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