गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। Nishaanebaz.com-Raigarh Police Abhiyan Samvedna: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में महिला एवं बच्चों से जुड़ी शिकायतों और गुमशुदा मामलों पर त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘अभियान संवेदना’ के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले की रैरूमाखुर्द पुलिस चौकी ने तत्परता दिखाते हुए लगभग एक महीने पहले गायब हुई 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
क्या था पूरा मामला और कैसे दर्ज हुई रिपोर्ट? वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 25 सितंबर 2026 को बालिका के पिता ने पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 सितंबर की रात भोजन के बाद परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। उनकी 16 वर्षीय बेटी भी अपने कमरे में सोई हुई थी, लेकिन अगली सुबह वह कमरे में नहीं मिली।
परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे बहला-फुसलाकर भगाने की आशंका पर पुलिस ने तुरंत अपराध क्रमांक 302/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।
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ओडिशा के सुंदरगढ़ से मिली पीड़िता, आरोपी गिरफ्तार विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि लापता बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेगारपानी (भोगराकछार) निवासी परमानंद कंवर अपने साथ ले गया है और अपने घर में छिपाकर रखा है। सूचना मिलते ही चौकी रैरूमाखुर्द से प्रधान आरक्षक भेनानसियुस खेस और महिला आरक्षक ज्योति की विशेष टीम तत्काल रेगारपानी के लिए रवाना हुई।
पुलिस टीम ने आरोपी के घर पर दबिश देकर बालिका को सकुशल बरामद कर लिया, हालांकि उस वक्त आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। महिला पुलिस अधिकारी की देखरेख में बालिका का विस्तृत कथन दर्ज किया गया और काउंसलिंग के बाद उसे सुरक्षित उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
पॉक्सो एक्ट और गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई पीड़िता के बयानों में आरोपी परमानंद कंवर द्वारा शादी का प्रलोभन देकर मोटरसाइकिल से रेगारपानी ले जाने और वहां लगातार शारीरिक शोषण करने की बात सामने आई। इसके बाद चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने मामले में धारा 62(2)(ड) बीएनएस एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 जोड़ी।
पुलिस लगातार फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। इसी बीच मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को उसके गांव के मुख्य मार्ग से धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 13 AW 1784) को गवाहों के समक्ष जब्त कर लिया है। पर्याप्त साक्ष्य संकलित करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई में चौकी प्रभारी इगेश्वर यादव और उनके हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही।


