रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले में सक्रिय नक्सल संगठन को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब 5 महिला नक्सलियों समेत कुल 11 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे और इन पर कुल 37 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एसपी के सामने किया सरेंडर
नारायणपुर पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में माड़ डिवीजनल स्पेशल जोनल कमेटी (SZC) सदस्य रनीता की टीम से जुड़े दो सशस्त्र गार्ड भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये नक्सली कई गंभीर घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पण के बाद शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है।
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पुनर्वास नीति से बदली राह
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सरेंडर करने वालों को आगे रोजगार, शिक्षा और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
पहले भी कर चुके हैं नक्सली सरेंडर
गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को MMC जोन के तीन नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया था। इनमें दरेकसा एरिया कमेटी कमांडर रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा (बीजापुर), सुभाष उर्फ पोज्जा बंडू राववा (उसूर तहसील) और रतन उर्फ मनकू ओमा पोय्याम (नारायणपुर) शामिल थे। इन सभी ने भी पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के समक्ष हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई थी।
नक्सल उन्मूलन की दिशा में अहम कदम
लगातार हो रहे आत्मसमर्पण को पुलिस और प्रशासन नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की सख्ती और विकास कार्यों के चलते नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहा है।









