रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र 14 से 19 दिसंबर तक नवा रायपुर स्थित नवनिर्मित विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा। खास बात यह है कि 14 दिसंबर को विधानसभा का स्थापना दिवस भी है, इसी ऐतिहासिक दिन से सत्र की शुरुआत की जा रही है। इस सत्र को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पूरी तरह पेपरलेस होगा रजत जयंती विधानसभा सत्र
इस बार का शीतकालीन सत्र पूरी तरह से पेपरलेस (डिजिटल) होगा। रजत जयंती वर्ष में विधानसभा को डिजिटल दिशा में आगे बढ़ाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विधायकों को प्रश्न, कार्यसूची और अन्य दस्तावेज डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। सत्र के दौरान कुल 628 प्रश्न लगाए गए हैं, जिन पर चर्चा और जवाब होने हैं।
पहले दिन विजन 2047 पर चर्चा, हंगामे के आसार
सत्र का पहला दिन ही काफी हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है। सदन में आज ‘विजन 2047’ विषय पर चर्चा प्रस्तावित है। सरकार इस विषय को प्रदेश के दीर्घकालीन विकास रोडमैप से जोड़कर देख रही है, जबकि विपक्ष इसे लेकर हमलावर रुख अपनाने के मूड में है। पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के संकेत पहले से ही नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस ने विजन 2047 चर्चा से बनाई दूरी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में रणनीति तय की गई। बैठक के बाद कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह विजन 2047 पर होने वाली चर्चा से बाहर रहेगी। इतना ही नहीं, कांग्रेस पहले दिन की सदन कार्यवाही का बहिष्कार भी करेगी। इस फैसले से सत्र के पहले दिन राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।
संसद की तर्ज पर वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा
शीतकालीन सत्र की एक और अहम विशेषता यह है कि वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा के लिए सत्र की अवधि में एक अतिरिक्त विशेष बैठक रखी गई है। संसद की तर्ज पर यह चर्चा इसलिए प्रस्तावित की गई है क्योंकि वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 1870 के दशक में रचित इस गीत को स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक माना जाता है।
स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा ऐतिहासिक महत्व
सरकार ने वंदे मातरम् को भारत के स्वतंत्रता संग्राम का शक्तिशाली प्रेरणास्रोत बताया है, जिसने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष में देशवासियों को एकजुट किया। इस विषय पर संसद में पहले भी राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल चुके हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ विधानसभा में इस चर्चा के दौरान भी सियासी गरमाहट बढ़ने के आसार हैं।
सत्र पर टिकीं राजनीतिक निगाहें
पेपरलेस कार्यवाही, विजन 2047, वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा और कांग्रेस के बहिष्कार के ऐलान ने इस शीतकालीन सत्र को पहले से ही खास बना दिया है। आने वाले दिनों में सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तेज राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।













