Nishaanebaz News Desk-Anganwadi Recruitment Controversy: ग्राम पंचायत बांदे के आश्रित गांव पी.व्ही.-81 राधानगर में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। भर्ती के लिए पांच अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। जांच के बाद तीन उम्मीदवारों के नाम अंतिम पात्रता सूची में आए, जिसमें संगीता हालदार के अंक सबसे अधिक थे। इसके बावजूद पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई। अब मामले की जांच की बात सामने आई है।
आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती विवाद की शुरुआत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से हुई। गांव में खाली पद के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे। इसके बाद कुल पांच अभ्यर्थियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया।दस्तावेजों की जांच के बाद विभाग की ओर से अंतिम पात्रता सूची जारी की गई। इसमें पांच में से तीन अभ्यर्थियों को पात्र माना गया। आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती विवाद में सबसे अहम बात यह है कि पात्र उम्मीदवारों में संगीता हालदार के अंक सबसे ज्यादा बताए जा रहे हैं।ऐसे में मेरिट के आधार पर उनका चयन होने की उम्मीद थी। लेकिन अंतिम सूची सामने आने के बाद चयन प्रक्रिया को ही रद्द कर दिया गया।
प्रचार-प्रसार नहीं होने का दिया गया कारण
आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती विवाद को लेकर विभाग और चयन समिति की ओर से भर्ती रद्द करने की वजह पंचायत स्तर पर पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होना बताई गई है।हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि पंचायत भवन में भर्ती से जुड़ी सूचना चस्पा की गई थी। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माला कर्मकार ने गांव के व्हाट्सएप ग्रुप में भी इसकी जानकारी साझा की थी। लोगों को मौखिक रूप से भी भर्ती की सूचना दिए जाने का दावा किया गया है।यहीं से आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती विवाद और ज्यादा गंभीर हो गया है। अगर भर्ती की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंची थी, तो पांच अभ्यर्थियों ने आवेदन कैसे किया? यही सवाल अब अभ्यर्थी और ग्रामीण उठा रहे हैं।
सबसे ज्यादा अंक फिर भी चयन नहीं
आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा संगीता हालदार के मामले को लेकर हो रही है। संगीता का दावा है कि पात्रता सूची में उनके अंक सबसे अधिक थे और नियमों के अनुसार उनका चयन होना चाहिए था।लेकिन प्रक्रिया रद्द होने के बाद उनका चयन भी रुक गया। संगीता ने आरोप लगाया है कि उन्हें चयन से दूर रखने के लिए पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त किया गया।हालांकि, यह आरोप अभी शिकायतकर्ता का पक्ष है। इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Read more: CG News: सावन में शिव पर कथित टिप्पणी से गरमाया रायपुर, पुलिस ने Christian Forum अध्यक्ष को किया गिरफ्तार
कलेक्टर से की उच्च स्तरीय जांच की मांग
आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती विवाद को लेकर संगीता हालदार ने कलेक्टर से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया की जांच कराने के साथ ही यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।मामले को लेकर अब प्रशासन की जांच पर सबकी नजर है। जांच में यह देखा जाएगा कि भर्ती प्रक्रिया में तय नियमों का पालन हुआ था या नहीं और भर्ती रद्द करने का कारण वास्तव में कितना सही था।
कलेक्टर ने जांच का दिया भरोसा
आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती विवाद पर कलेक्टर नीलेश कुमार शीरसागर ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच में क्या सामने आता है। क्या भर्ती प्रक्रिया में वास्तव में प्रचार-प्रसार की कमी थी या फिर इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी? क्या मेरिट में सबसे ज्यादा अंक पाने वाली अभ्यर्थी को चयन का मौका मिलेगा? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही साफ होगा।फिलहाल आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती विवाद ने स्थानीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर बहस छेड़ दी है।




