Chhath Mahaparva 2025 : उज्जैन (मध्य प्रदेश)। राजेश व्यास आस्था, पवित्रता और सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा मंगलवार को उज्जैन में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रम सरोवर घाट पर पहुंचकर व्रतियों के साथ भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और देश-प्रदेश की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
Chhath Mahaparva 2025 : मुख्यमंत्री ने की सूर्य उपासना
मंगलवार (28 अक्टूबर) को छठ महापर्व के अंतिम दिन, उज्जैन में बिहार और मिथिलांचल के लोगों ने विक्रम सरोवर पर एकत्र होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस पवित्र पूजा में शामिल हुए। उन्होंने व्रतियों की परंपरा का निर्वाह करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया और पूजन-आरती की।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हमारे पर्व-त्योहार सनातन संस्कृति के विश्वास को दृढ़ करते हैं। उन्होंने छठ व्रत की पूर्णता पर प्रदेश की जनता और विशेष रूप से मिथिलावासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।
चार दिवसीय महापर्व का समापन
चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इस वर्ष, छठ पूजा का समापन निम्नलिखित तिथियों के अनुसार हुआ:
- 26 अक्टूबर: खरना
- 27 अक्टूबर: सायंकालीन अर्घ्य (डूबते सूर्य को)
- 28 अक्टूबर: प्रातःकालीन अर्घ्य (उगते सूर्य को) के साथ महापर्व का समापन।
पर्व के तीसरे दिन, व्रती महिलाएं बांस के सूप में फल, गन्ना, चावल के लड्डू, ठेकुआ और अन्य पूजन सामग्री सजाकर जल में खड़ी होती हैं और डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। चौथे और अंतिम दिन, उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही यह कठिन व्रत पूर्ण होता है। व्रतियों ने अपनी संतान की लंबी आयु, परिवार में सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।












