Saturday, August 22, 2026
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Chhath Puja 2025 Surya Arghya : उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ आस्था का महापर्व, घाटों पर उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का सैलाब

Chhath Puja 2025 Surya Arghya
Chhath Puja 2025 Surya Arghya

Chhath Puja 2025 Surya Arghya : कार्तिक मास की षष्ठी तिथि पर मनाया जाने वाला लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा आज उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। देशभर के घाटों, नदियों, तालाबों और सरोवरों पर लाखों श्रद्धालु सुबह-सुबह पहुंचकर जल में खड़े होकर सूर्य देव और छठी मैया की आराधना करते दिखाई दिए। जैसे ही सूर्य की पहली किरण क्षितिज पर दिखाई दी, पूरा वातावरण “जय छठी मैया” के जयघोष से गूंज उठा।

Chhath Puja 2025 Surya Arghya : इस दौरान व्रती महिलाओं ने सूप और डाला में ठेकुआ, गन्ना, नारियल, फल और अन्य प्रसाद सजाकर सूर्य देव को ‘ऊषा अर्घ्य’ अर्पित किया। सुबह की लालिमा में जब सूर्य उदय हुआ, तब घाटों पर भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला — कोई आंखें बंद कर प्रार्थना में लीन था, तो कोई जल में हाथ जोड़कर सूर्य की आराधना कर रहा था। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु और समाज में खुशहाली की कामना की।

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छठ पूजा की प्रासंगिकता और अनुष्ठान: टिड्डा

चार दिनों तक चले इस पर्व ने पूरे देश को आस्था, अनुशासन और शुद्धता के रंग में रंग दिया। 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद आज व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण कर व्रत का विधि-विधान से पारण किया। घाटों पर भक्ति गीतों की स्वर लहरियां, दीपों की झिलमिलाहट और गन्ने के तोरणों से सजा हर अंचल आज छठी मैया की महिमा में सराबोर रहा।

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छठ पूजा का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रकृति, जल और सूर्य के प्रति कृतज्ञता का भी उत्सव है। सूर्य देव को अर्घ्य देने की परंपरा हमें यह सिखाती है कि जीवन में उदय और अस्त — दोनों ही परिस्थितियां समान रूप से पूजनीय हैं। यही कारण है कि छठ पूजा आज भी करोड़ों लोगों की अटूट भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनी हुई है।

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