रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021 में हुए घोटाले की जांच में CBI ने विशेष अदालत में लगभग 2000 पन्नों का पूरक चालान दाखिल किया है। चालान में पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है।
CBI के अनुसार सोनवानी ने पद का दुरुपयोग कर परीक्षा प्रक्रिया में धांधली की और अपने परिवार के सदस्यों व प्रभावशाली लोगों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार की सुनियोजित योजना अंजाम दी।
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गिरफ्तारियां:
- पूर्व सचिव: जीवनलाल ध्रुव
- पूर्व परीक्षा नियंत्रक: आरती वासनिक
- सोनवानी के परिवार के सदस्य
- बजरंग पावर के पूर्व निदेशक एस के गोयल, उनके पुत्र शशांक गोयल, बहू भूमिका गोयल
- ललित गणवीर, दीपा आदिल, निशा कोसले
सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं।
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घोटाले का खुलासा:
2020 से 2022 के बीच CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर, राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्क वाले लोगों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। CBI ने छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए और कई लोगों को गिरफ्तार किया। पूरक चालान के दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई तेज होने की संभावना है।











