निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने लंबे अंतराल के बाद बोर्ड परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। मंडल द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 10वीं और 12वीं के नियमित परीक्षार्थियों को कुल 800 रुपये शुल्क जमा करना होगा। इस राशि में बोर्ड परीक्षा शुल्क, अंकसूची शुल्क और प्रति विषय प्रायोगिक परीक्षा शुल्क शामिल है। इससे पहले छात्रों को यही प्रक्रिया पूरी करने के लिए 460 रुपये देने पड़ते थे।
पांच साल बाद किया गया शुल्क संशोधन
माशिमं ने करीब पांच वर्षों बाद परीक्षा शुल्क में संशोधन किया है। शिक्षा मंडल का कहना है कि परीक्षा संचालन, मूल्यांकन प्रक्रिया, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और अन्य संसाधनों पर बढ़ते खर्च को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई दरें आगामी सत्र से प्रभावी होंगी, जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और अभिभावकों को अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ेगा।
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आदेश जारी, सभी स्कूलों को पालन के निर्देश
माशिमं की सचिव पुष्पा साहू की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित नई शुल्क संरचना के अनुसार ही परीक्षार्थियों से शुल्क लिया जाएगा। साथ ही सभी संबद्ध विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों को समय पर जानकारी दें और नई दरों के अनुरूप प्रक्रिया सुनिश्चित करें।
छात्रों और अभिभावकों में चर्चा तेज
फीस बढ़ोतरी की खबर सामने आते ही छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग इसे बढ़ती लागत के कारण जरूरी कदम मान रहे हैं, वहीं कई अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा पहले से ही महंगी होती जा रही है, ऐसे में शुल्क वृद्धि से आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
हालांकि, शिक्षा मंडल का तर्क है कि बेहतर परीक्षा प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने के लिए संसाधनों का सुदृढ़ होना जरूरी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस फैसले का छात्रों पर क्या व्यापक प्रभाव पड़ता है।













