CG Politics : रायपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 20 अगस्त की सुबह 10 से 11 बजे के बीच राजभवन में तीन नए मंत्रियों को शपथ दिलाने का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में भाजपा विधायक दल के सचेतक सुशांत शुक्ला ने सभी विधायकों को समारोह में उपस्थित रहने का आमंत्रण दिया है। इसके साथ ही प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
CG Politics : मिली जानकारी के मुताबिक, जिन तीन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलनी तय है, उनमें दुर्ग से विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग से विधायक गुरु खुशवंत साहेब शामिल हैं। इन नए चेहरों की एंट्री से भाजपा के भीतर नए शक्ति संतुलन की तस्वीर भी साफ हो जाएगी।
CG Politics : शपथ से पहले राजभवन में तैयारी
CG Politics : राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की जोरदार तैयारी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ मंडपम को सजाने के लिए फूलों और मालाओं की भारी खेप पहुंच चुकी है। राज्य सरकार ने नए मंत्रियों के लिए वाहनों की व्यवस्था भी कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद इस प्रक्रिया को विदेश दौरे से पहले निपटा लेना चाहते हैं। वे 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया रवाना होंगे।
CG Politics : क्यों अहम है यह विस्तार
CG Politics : साय मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है। दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री शपथ लेने के 11 दिन बाद 11 मंत्रियों ने पद संभाला था, लेकिन दो पद खाली रह गए थे। उसके बाद रायपुर विधायक बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद इस्तीफा देने से एक और सीट खाली हो गई। यानी अब तक कुल तीन पद रिक्त थे। इन पर लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चल रही थी।
CG Politics : हरियाणा फॉर्मूले की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी 90 विधायकों के हिसाब से 14 मंत्री होंगे। वर्तमान में सीएम समेत 11 मंत्री हैं और तीन नए चेहरों की एंट्री से मंत्रिमंडल पूरी तरह से फुल स्ट्रेंथ में आ जाएगा।
CG Politics : संभावित विभागों का बंटवारा
CG Politics : सूत्रों के मुताबिक, इस बार तीनों नए मंत्रियों को प्रमुख विभाग सौंपे जा सकते हैं— गजेंद्र यादव को शिक्षा मंत्रालय मिलने की चर्चा है। उनके पास स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसे अहम विभाग आ सकते हैं। वहीं गुरु खुशवंत साहेब को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) और खादी-ग्रामोद्योग दिए जाने की संभावना है। राजेश अग्रवाल को आबकारी और संभवतः वन विभाग सौंपा जा सकता है। यह विभागीय फेरबदल दो डिप्टी सीएम—विजय शर्मा और अरुण साव—के पास मौजूद भारी-भरकम जिम्मेदारियों का बोझ भी हल्का करेगा।
CG Politics : तीनों चेहरों की पृष्ठभूमि
CG Politics : गजेंद्र यादव (दुर्ग विधायक): 1999-2004 तक नगर निगम पार्षद रहे। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री भी रह चुके हैं। 2023 में अरुण वोरा को हराया। संघ परिवार से गहरा जुड़ाव है।
राजेश अग्रवाल (अंबिकापुर विधायक): कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए। 2023 में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव को हराया। वैश्य समाज से आते हैं और इस समुदाय की सियासी हिस्सेदारी के लिहाज से उनका कद अहम है।
CG Politics : गुरु खुशवंत साहेब (आरंग विधायक): सतनामी समाज के धार्मिक गुरु बालदास के बेटे और भंडारपुरी गुरु गद्दी के उत्तराधिकारी। एससी सीटों पर समीकरण साधने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
CG Politics : नाराज़ नेताओं की बेचैनी
CG Politics : मंत्रिमंडल विस्तार में जगह न मिलने से कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं की नाराज़गी भी सतह पर आने लगी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कुछ बड़े नेता दिल्ली जाकर अपनी दावेदारी और असंतोष पार्टी आलाकमान के सामने रखने की तैयारी में हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा गर्म है कि असंतुष्ट नेताओं को शांत करने के लिए संगठन और निगम-मंडलों में बड़ी नियुक्तियां की जा सकती हैं।
CG Politics : संसदीय सचिवों और निगम-मंडलों पर भी फैसला
CG Politics : मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही संसदीय सचिव और निगम-मंडलों के अध्यक्षों की नियुक्ति का रास्ता भी साफ होने वाला है। भाजपा नेतृत्व वरिष्ठ और नए विधायकों के बीच संतुलन बनाकर फैसले लेगा। यह वही परंपरा है जो रमन सिंह और भूपेश बघेल दोनों सरकारों में चलती रही है।
CG Politics : लंबे समय से चल रहे कैबिनेट विस्तार के सस्पेंस पर अब विराम लग गया है। 20 अगस्त को नए मंत्रियों के शपथ लेने के साथ ही विभागों का बंटवारा भी तय हो जाएगा। सबसे बड़ी बात, इस बार मुख्यमंत्री पहले से होमवर्क कर चुके हैं और विदेश दौरे से पहले ही पूरी प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं।
CG Politics : “तो छत्तीसगढ़ में लंबे समय से टल रहा मंत्रिमंडल विस्तार आखिरकार अब तय हो चुका है। तीन नए चेहरों की एंट्री के साथ ही सत्ता समीकरण भी बदलेंगे और कई नेताओं की उम्मीदों को तगड़ा झटका भी लगेगा। अब देखना यह होगा कि दिल्ली तक गूंजने वाली नाराज़गी कैसे शांत होती है और नए मंत्रियों को कौन-कौन से अहम विभाग मिलते हैं। फिलहाल, सबकी निगाहें 20 अगस्त के राजभवन पर टिकी हैं, जहां से छत्तीसगढ़ की सियासत की नई तस्वीर सामने आएगी।”












