CG Politics : रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट शनिवार सुबह रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे और शराब घोटाले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल से मुलाकात की। पायलट सुबह 8 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जिसके बाद सीधे जेल का रुख किया। उनके साथ सह प्रभारी जरिता लैतफलांग, विजय जांगिड़, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और शिव डहरिया भी मौजूद रहे।
CG Politics : पायलट के इस दौरे को लेकर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब केवल परिवारवाद की पार्टी बनकर रह गई है। दिल्ली में ‘पप्पू’ और छत्तीसगढ़ में ‘बिट्टू’ ही कांग्रेस की राजनीति के केंद्र में हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आर्थिक नाकेबंदी के दौरान मजदूरों को बुलाकर भुगतान न करने का भी आरोप लगाया।
CG Politics : गौरतलब है कि शराब घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 22 जुलाई को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले ED ने उनसे पांच दिन तक पूछताछ की थी।
CG Politics : ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि जांच में सामने आए साक्ष्यों के अनुसार चैतन्य बघेल की भूमिका सामने आई है। उनके घर पर छापेमारी के बाद पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।
CG Politics : इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई को ईडी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाइयां चुनावों में लड़ी जानी चाहिए, जांच एजेंसियों के जरिए नहीं। कोर्ट ने यह भी पूछा कि आखिर ED का इस तरह इस्तेमाल क्यों हो रहा है?
CG Politics : ED का दावा है कि शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने पूछताछ में बताया कि उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मैनेज किया। यह रकम अनवर ढेबर से दीपेन चावड़ा के जरिए राम गोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई गई थी, जिसमें चैतन्य की भूमिका रही। इसी के कहने पर 100 करोड़ नकद केके श्रीवास्तव को दिए गए। पूछताछ में पप्पू बंसल ने यह भी स्वीकार किया कि उसे तीन महीनों में 136 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।
CG Politics : वहीं बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पहला मामला एक ज्वेलर्स से लिए गए 5 करोड़ रुपये के लोन का है, जो 2019 में लिया गया था और उस पर अब तक 2.21 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में चुका दिए गए हैं। यह जानकारी दस्तावेजों सहित फरवरी 2025 में ED को दी जा चुकी थी।
CG Politics : दूसरा मामला त्रिलोक सिंह ढिल्लन को बेचे गए फ्लैट से जुड़ा है। ढिल्लन पहले ही जेल में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि यह राशि उनके पास कहां से आई। ED को उनके जवाब से संतुष्टि थी, इसलिए चैतन्य से इस बारे में कोई पूछताछ नहीं हुई।











