India-Russia economic partnership : भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार, पांच-वर्षीय सहयोग योजना पर बनी सहमति

VIKASH KHALKHO

India-Russia economic partnership : नई दिल्ली। भारत और रूस ने वैश्विक परिस्थितियों के बदलते परिदृश्य के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। शुक्रवार को दोनों देशों ने आगामी पाँच वर्षों के लिए एक व्यापक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। यह निर्णय वाशिंगटन की व्यापारिक नीतियों, टैरिफ और प्रतिबंधों के संभावित प्रभावों के बावजूद दशकों पुरानी साझेदारी पर दोनों देशों के अटूट भरोसे को दर्शाता है। 23वें भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने द्विपक्षीय सहयोग को और पुख़्ता करने की प्रतिबद्धता दोहराई।Sunrise sectors in India: A Lucrative Landscape for Foreign Investors

शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार, ऊर्जा, स्वास्थ्य, गतिशीलता और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत यूरोएशियन आर्थिक संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफ़टीए) को जल्द पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का साझा लक्ष्य रखते हैं, जिसमें ऊर्जा सहयोग मुख्य स्तंभ होगा।

India-Russia economic partnership : इस आर्थिक कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है। वर्तमान में 96 प्रतिशत लेनदेन रुपये और रूबल में किए जा रहे हैं और दोनों देशों ने इस व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। शिखर सम्मेलन में स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, गतिशीलता और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े कई द्विपक्षीय समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए, जिन्हें दोनों देशों के लिए एक “महत्वपूर्ण पैकेज” बताया गया।भारत-रूस समिट में बड़े फैसलों की तैयारी, इकोनॉमिक पार्टनरशिप पर बड़ा फोकस;  25 एग्रीमेंट होंगे साइन! – Money9live

ऊर्जा क्षेत्र में रूस ने भारत को स्थिर और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। राष्ट्रपति पुतिन ने तेल, गैस और कोयले की सप्लाई के साथ-साथ भारत की सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा परियोजना, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों, फ्लोटिंग परमाणु संयंत्रों और चिकित्सा व कृषि में परमाणु तकनीक के उपयोग पर सहयोग बढ़ाने की मंशा जताई। इसके अलावा, पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक उद्योगों के लिए जरूरी महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में रूस एक अहम साझेदार साबित होगा।

India-Russia economic partnership : रूस ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल को समर्थन देते हुए मशीन निर्माण, डिजिटल टेक्नोलॉजी और विज्ञान-आधारित क्षेत्रों में संयुक्त उद्यम स्थापित करने की सहमति दी है। इससे भारत में स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक क्षमता में वृद्धि होगी। लोगों से लोगों के जुड़ाव के लिए भी दोनों देश नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने बताया कि ध्रुवीय क्षेत्रों में कार्यरत रूसी जहाजों पर भारतीय नाविकों के प्रशिक्षण से युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा होंगे।

इस शिखर सम्मेलन ने भारत और रूस के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक सहयोग का स्पष्ट रोडमैप पेश किया है। वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक दबावों के बीच दोनों देशों का यह मजबूत सहयोग भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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