Wednesday, August 19, 2026
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Indigo Crisis : इंडिगो संकट गहराया : पटना–दिल्ली हवाई किराया 60 हजार पार, यात्रियों की जेब पर ‘एयर-शॉक

Indigo Crisis : नई दिल्ली। देश का विमानन क्षेत्र इस समय बड़े संकट से जूझ रहा है। इंडिगो एयरलाइन में तकनीकी दिक्कतों और क्रू की भारी कमी के कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इसका सीधा असर घरेलू हवाई किरायों पर पड़ा है। हालात यह हैं कि भारत में कई रूट्स के टिकटों की कीमत यूरोप जाने वाली उड़ानों से भी अधिक हो गई है। पटना से दिल्ली का किराया 60 हजार रुपये से ऊपर पहुंचना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

रूट (एक तरफा) / Route (One Way) सामान्य किराया Normal Fare (₹) गतिशील मूल्य निर्धारण
Dynamic pricing (₹)
वृद्धि (%)  Increase (%)
दिल्ली – पटना (Delhi – Patna) 5,500 – 7,000 51,000 – 66,000 ~800%
मुंबई – कोलकाता (Mumbai – Kolkata) 6,000 – 8,000 45,000 – 60,000 ~650%
पटना – बेंगलुरु (Patna – Bengaluru) 7,000 – 9,000 60,000 – 72,000 ~700%
दिल्ली – उदयपुर (Delhi – Udaipur) 4,500 – 6,000 35,000 – 50,000 ~600%
नागपुर – मुंबई (Nagpur – Mumbai) 4,000 – 5,500 22,000 – 40,000 ~500%

विभिन्न ट्रैवल पोर्टल्स और बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिन मार्गों पर इंडिगो का दबदबा था, वहां सबसे अधिक अव्यवस्था देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में 60% से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से हजारों सीटें अचानक सिस्टम से गायब हो गईं। यही कारण है कि सामान्य दिनों में 6–10 हजार रुपये का मिलने वाला टिकट अब 50–60 हजार रुपये तक पहुंच गया है। कोलकाता, मुंबई, पटना, उदयपुर और दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित शहर हैं।Indigo Airline: इंडिगो विमान कंपनी के सामने खड़ी हुई एक बड़ी समस्या, अब तकनीकीकर्मियों ने किया ऐसा काम - ncr IndiGo Airlines Technicians on leave pretending to be sick in delhi

Indigo Crisis : विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बढ़े हुए किरायों के पीछे केवल उड़ानें रद्द होना ही कारण नहीं है, बल्कि एयरलाइंस की डायनामिक प्राइसिंग प्रणाली भी इसकी बड़ी वजह है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के दूसरे विकल्पों की ओर जाने से एल्गोरिदम ने मांग को ‘अत्यधिक’ माना और किरायों को अपने अधिकतम स्तर पर पहुंचा दिया। इसके अलावा देश में शादियों और छुट्टियों का पीक सीजन चल रहा है, जिससे मांग पहले से ही ज्यादा थी। इंडिगो संकट ने पूरी व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

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Indigo Crisis : इंडिगो का कहना है कि हालिया समस्या मुख्य रूप से नए FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमों के लागू होने और पायलट रोस्टरिंग में हुई तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से पैदा हुई। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि उनके पास क्रू की कमी हो गई है और परिचालन सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है। वहीं स्थिति को संभालने के लिए DGCA ने पायलटों के विश्राम से जुड़े नए नियमों को फिलहाल वापस ले लिया है।Indigo Flight Cancellation Live: संकट पर एक्‍शन में गृह मंत्री अमित शाह, उड्डयन मंत्री ने लगाई इंडिगो को फटकार, DGCA ने वापस लिया अपना आदेश | Indigo Flight Cancellation Live ...

हवाई यात्रियों के लिए यह स्थिति काफी निराशाजनक है। अचानक उड़ानें रद्द होने और आसमान छूते किरायों के कारण यात्रियों को मजबूरी में महंगे टिकट खरीदने पड़ रहे हैं। विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि एयरलाइन परिचालन सामान्य होने पर किरायों में नरमी आ सकती है, लेकिन फिलहाल राहत के आसार कम ही दिख रहे हैं।

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